स्कूलों में होने वाले निर्माण कार्यों में लगने वाले एक-एक पैसे का हिसाब अब स्कूल मुखिया को रखना होगा। अब इसमें किसी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं रहने दी जाएगी। स्कूलों में निर्माण कार्य में पारदर्शिता लाने के लिए शिक्षा विभाग ने एक विशेष पोर्टल जारी किया है। इसमें प्रत्येक स्कूल के मुखिया को स्कूल निर्माण में आई ग्रांट की एक-एक पाई की रिपोर्ट अपडेट करनी होगी। इससे पहले कई मामले ऐसे भी आए थे जिसमें ग्रांट जारी होने के कई सालों बाद भी स्कूलों में निर्माण कार्य पूरा नहीं पाया गया था, उसके बाद ही विभाग में इस प्रकार की व्यवस्था की जरूरत महसूस की जा रही थी। इस संबंध में विद्यालय शिक्षा निदेशालय की तरफ से बुधवार को प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी तथा प्रिंसिपल डाइट, बाइट और अन्य शिक्षण संस्थाओं को आदेश जारी किए हैं।
निदेशालय की तरफ से जारी हुए आदेशों में कहा गया है कि स्कूलों व इंस्टीट्यूट को डायरेक्टर सेकेंडरी एजुकेशन, डायरेक्टर मौलिक एजुकेशनल, सर्व शिक्षा अभियान तथा अन्य एजेंसी की तरफ से अलग -अलग स्कीमों के तहत स्कूल बिल्डिंग निर्माण के लिए ग्रांट जारी की जाती है। ग्रांट का प्रयोग सही ढंग से हो रहा है या नहीं इस पर नजर रख पाना मुश्किल है। इसी समस्या को देखते विभाग की तरफ से (एसबीडब्ल्यूएमएस) स्कूल बिल्डिंग वर्क्स मैनेजमेंट सिस्टम पोर्टल शुरू किया है। पोर्टल स्कूलों को जारी होने वाले फंड व कार्य पूरा होने तक की मॉनिटरिंग करेगा।
काम में आएगी पारदर्शिता आने की उम्मीद
निर्माण कार्य में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग ने पोर्टल शुरू किया है। जिसमें निर्माण कार्य का हर स्टेटस अपलोड करना होगा। शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मानें तो इससे सिविल वर्क तथा फाइनेंशियल एक्टिविटी में पारदर्शिता आएगी। सिविल वर्क की ग्रांट जारी होने के बाद टाइम पीरियड पर नजर रखना आसान होगा। अधिकारी पोर्टल पर जारी हुए काम के स्टेटस व धरातल पर चल रहे काम की जांच कर सकेंगे। पोर्टल पर स्टेटस आने के बाद निर्माण कार्य में पारदर्शिता आएगी।
स्कूल के मुखिया को ऐसे करना होगा स्टेटस अपलोड
पोर्टल पर स्कूल का सिविल वर्क अपलोड करने के लिए स्कूल मुख्या को स्कूल एजुकेशन हरियाणा की वेबसाइट पर जाना होगा। यहां पर स्कूल बिल्डिंग पोर्टल पर लॉग इन के साथ स्कूल कोड तथा पासवर्ड देना होगा। स्कूल कोड तथा पासवर्ड जिला शिक्षा विभाग की तरफ से जारी किया जाएगा। मुख्यालय की तरफ से जारी होने वाली ग्रांट तथा उसके बाद निर्माण के लिए बनाई जाने वाली कमेटी तथा उसके बाद चल रहे काम की स्टेटस रिपोर्ट पोर्टल पर स्कूल मुखिया को डालनी होगी। काम पूरा होने के बाद पोर्टल पर ही उपयोगिता प्रमाण पत्र देना होगा।
स्कूलों में होने वाले निर्माण कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए स्कूल बिल्डिंग वर्क्स मैनेजमेंट सिस्टम पोर्टल बनाया गया है। जिसमें स्कूल मुखिया को ग्रांट से लेकर काम पूरा होने तक स्टेटस देना होगा। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पोर्टल के प्रयोग के बारे में निर्देश दे दिए गए हैं ताकि आगे जल्द से जल्द स्कूल मुखिया को सूचित कर सकें।
-दयानंद सिहाग, उपजिला शिक्षा अधिकारी दयानंद सिहाग