नगर पालिका के बिजली का बिल अदा न करने के कारण भूना शहर की सड़कों पर अंधेरा छाया है। दीपावली पर्व से पहले ही स्ट्रीट लाइटों की रोशनी गायब होने से लोग परेशान हैं। इलाके के अधिकारी व जनप्रतिनिधि भी मूक दर्शक बने हैं। भूना निवासी राजेंद्र सिंह, मुकंद लाल, गोबिंद सिंह, महाबीर सिंह, कृष्ण कुमार, पवन कुमार, मनोज कुमार, कृष्ण कुमार, रामू, हरदेश, हैपी व बलजीत सिंह आदि ने बताया कि पिछले कई दिनों से भूना शहर की सभी स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। क्योंकि नगरपालिका ने विद्युत निगम का स्ट्रीट लाइटों का करीब दो लाख बिजली बिल अदा नहीं किया। इसके कारण निगम ने कनेक्शन काट दिया है। नगरपालिका के सचिव संदीप सोलंकी व चेयरमैन राखी वाल्मीकि को शहर के लोगों ने दर्जनों बार लिखित व मौखिक रूप से अवगत करवाया।
लेकिन विद्युत निगम और नगरपालिका का आपसी विवाद के कारण भूना शहर की स्ट्रीट लाइटों की रोशनी बहाल नहीं हो सकी। नगरपालिका जहां विद्युत निगम से प्रति यूनिट के हिसाब सेे उपभोक्ताओं से वसूला जा रहा टैक्स के रूप में कमेटी का पैसा वापस मांग रही है। लेकिन विद्युत निगम उच्च स्तर पर कार्रवाई करने का हवाला दे रहा है। इसके कारण नगरपालिका ने शहर की स्ट्रीट लाइटों का बिजली बिल नहीं भरा। निगम द्वारा बार-बार नोटिस देने के बावजूद भी नगरपालिका की नींद नहीं खुली तो करीब 20 दिन पहले शहर की स्ट्रीट लाइटों का कनेक्शन काट दिया गया। तब से लेकर आज तक शहर अंधेरे में डूबा है।
मजबूरन काटने पड़े कनेक्शन
विद्युत निगम के उपमंडल अधिकारी दलबीर सिंह ने बताया कि नगरपालिका ने शहर की स्ट्रीट लाइटों का करीब दो लाख से अधिक बिजली का बिल बार-बार कहने के बावजूद भी जमा नहीं करवाया। इसलिए मजबूरन निगम ने उपरोक्त कनेक्शन काटने के लिए बाध्य होना पड़ा। अगर बिल जमा होता है, तो हाथों-हाथ शहर की स्ट्रीट लाइटों की रोशनी बहाल कर दी जाएगी।
कनेक्शन काटना गलत
नगरपालिका भूना के सचिव संदीप सोलंकी से बार-बार फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई, मगर उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। नगरपालिका की चेयरमैन राखी वाल्मीकि ने बताया कि निगम से करोड़ों रुपये की नगरपालिका की लेनदारी है। मगर कनेक्शन काट देना गलत है। लेकिन फिर भी बिजली का बिल भर कर स्ट्रीट लाइटों की रोशनी को बहाल किया जाएगा।