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सावधान! पीने लायक नहीं पानी

Sun, 01 May 2016 11:48 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला फतेहाबाद
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water - फोटो : bureau
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सावधान! आपके घर में आ रहा पेयजल आपके स्वास्थ्य के लिए उचित नहीं है। ये हम नहीं, बल्कि स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट बता रही है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि पेयजल में क्लोरीन की मात्रा आवश्यकता से काफी कम हो गई है जिसके चलते डायरिया का प्रकोप लगातार फैलता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े जानकर आपको हैरानी होगी कि जिले में जनवरी, फरवरी, मार्च में 814 डायरिया के केस सामने आ चुके हैं। हालांकि सीजन अभी शुरू हुआ है ऐसे में डायरिया व अन्य बीमारियां तेजी से फैल सकती है।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से जनवरी माह में 712 सैंपल लिए गए जिसमें से 2 सैंपल फेल पाए गए। फरवरी माह में 835 सैंपल लिए गए जिसमें से 35 सैंपल फेल आए। इसी तरह से मार्च माह में 1457 सैंपल लिए गए जिसमें 24 पानी के सैंपल फेल आए। विभाग के अनुसार सैंपल फेल वाले क्षेत्रों में क्लोरीन की मात्रा कम पाई गई है। जो कि सेहत के लिए ठीक नहीं है। इससे पहले पिछले वर्ष विभाग की ओर से 2932 सैंपल लिए गए जिसमें 915 सैंपल निगेटिव आए। वर्ष 2014 में स्वास्थ्य विभाग की ओर से 8333 सैंपल लिए गए जिसमें 2783 सैंपलों की रिपोर्ट निगेटिव आई।
तेजी से बढ़ रहा डायरिया:
गर्मी का मौसम अभी शुरू हुआ है। ऐसे में शरीर को पानी की ज्यादा जरूरत पड़ेगी। अगर इसी तरह पानी शरीर में गया तो डायरिया जैसी बीमारियां तेजी से फैलने से रोक पाना मुश्किल है। क्योंकि पिछले तीन माह में डायरिया के चौंकाने वाले आंकड़े सामने आ चुके हैं।
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तेजी से बढ़ता डायरिया:
जनवरी-          276 मरीज
फरवरी-         279  मरीज
मार्च-           259  मरीज
क्लोरीन की कम मात्रा से पनपते हैं किटाणु:
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार पानी में क्लोरीन की एक निश्चित मात्रा होनी चाहिए। कम क्लोरीन से पानी में कीटाणु पनपने की क्षमता बढ़ जाती है। जिस कारण पानी पीने के बाद शरीर रोगग्रस्त हो जाता है।
पानी में फ्लोराइड की अधिक मात्रा हड्डियों को करती है कमजोर:
फतेहाबाद जिले के अधिकतर क्षेत्र खासकर गांव में ट्यूबवेल के पानी की सप्लाई हो रही है। जिसमें फ्लोराइड की मात्रा अधिक काफी अधिक है। डाक्टरों के अनुसार फ्लोराइड की अधिक मात्रा सेहत के लिए काफी नुकसानदायक है। मात्रा बढ़ने पर दांतों का रंग पीला पड़ जता है। इसके अलावा इसके कारण हड्डियां कमजोर पड़ जाती हैं। डाक्टरों के अनुसार फ्लोराइड युक्त पानी उबालकर पीना चाहिए।
गंदा पानी पिलाने को लेकर विज पब्लिक हेल्थ अधिकारियों को दे चुके हैं चेतावनी:
शनिवार को जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में पानी का मामला भी काफी उछला। दोलतपुर गांव तथा फतेहाबाद के सन्यास आश्रम रोड के लोगों ने पानी की खराबी को लेकर स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को शिकायत दी। पब्लिक हेल्थ के अधिकारी मामले को लेकर लीपापोती में लगे रहे। विज ने पब्लिक हेल्थ के अधिकारियों को चेतावनी दी कि गंदा पानी पिलाने के आरोप में स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत मामला दर्ज हो सकता है।
पानी लीकेज या फिर पानी सैंपल फेल की रिपोर्ट बनाकर जन स्वास्थ्य विभाग को भेज दी जाती है। पानी सैंपल वाले क्षेत्र में दवाइयां भी बांटी जाती हैं। बच्चों में डायरिया जल्दी फैलने का खतरा होता है इसलिए साफ-सफाई का ध्यान रखें व पानी उबालकर ठंडा करके पीएं।  डॉ. गिरीश, डिप्टी सिविल सर्जन
हम समय-समय पर पानी के सैंपल लेते हैं हमारी खुद की लैब है उसमें टेस्टिंग की जाती है। जहां पर जरूरत होती है वहां पर क्लोरीन की मात्रा बढ़ा दी जाती है। पानी मिक्सिंग की शिकायतों को भी मैं खुद देख रहा हूं और जरूरत के अनुसार पाइपें भी बदली जा रही हैं।  आर.के.शर्मा, कार्यकारी अभियंता जन स्वास्थ्य विभाग
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