ऐसा लगता है कि पशु मेले के आयोजक अफसरों के लिए डीसी के आदेशों से भी बढ़कर महत्वपूर्ण हो गए हैं। कम से कम इस रविवार को पशु मेले के हालात देखकर तो यही लगता है। महज दो दिन पहले डीसी एनके सोलंकी ने अधिकारियों की बैठक में ये आदेश जारी किए थे कि पशु मेले में नियमों का पालन करवाया जाए। लेकिन इस बार भी पशु मेले में एक-एक कर सभी नियम ध्वस्त होते गए और अधिकारियों ने किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की।
पशुओं को ठूंसकर भरा गया वाहनों को
नियमानुसार एक टाटा एस में एक ही पशु को लादा जा सकता है लेकिन पशु मेले में पहुंचे अधिकांश वाहन चालक इस नियम को तोड़ते दिखे। टाटा एस जैसे छोटे वाहन में भी दो या दो से अधिक पशुओं को ठूंस-ठूंसकर रखा गया था। इतना ही नहीं, कई पिकअप एवं कैंटर जैसे वाहनों में पशुओं की संख्या पांच से भी अधिक पाई गई। ये बात भी काबिले-ए-जिक्र है कि इन पशुओं के साथ उनके छोटे बच्चे भी शामिल थे। हैरानी इस बात की है कि प्रशासनिक अधिकारियों को पता है कि इस मेले में पशुपालक नियम तोड़कर वाहनों में पशुओं को ठूंसकर लाएंगे लेकिन फिर भी उनके चालान काटने के लिए कोई अधिकारी मौजूद नहीं था। अगर इस बार वाहनों के चालान काटे गए होते तो अगली बार वाहन चालक एक गाड़ी-एक पशु का नियम का पालन करते।
भारी गर्मी से पशुओं को राहत के कोई इंतजाम नहीं
रविवार को सीजन का सबसे गर्म दिन रहा लेकिन इसके बावजूद पशु मेले में पशुओं को गर्मी और धूप से बचाने का कोई इंतजाम नहीं किया गया। हालत ये थे कि पशुओं को पिलाने के लिए पशु पालकों को 100 रुपये तक खर्च कर पानी का ड्रम खरीदना पड़ा। इसके अलावा खुले मैदान में लू चलने के कारण भी पशुओं को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। पशुओं को धूप से बचाने के लिए किराए पर टेंट मिलते हैं लेकिन गरीब पशुपालक टेंट का किराया नहीं भर पाते तो कई बार पर्याप्त टेंट का इंतजाम भी नहीं हो पाता।
सुबह हुई अवैध वसूली, कैमरा देखकर हुए फरार
पिछले दिनों बीडीपीओ द्वारा डीसी को भेजी गई रिपोर्ट में साफ तौर पर जिक्र था कि पशु मेले के बाहर कुछ लोगों द्वारा कैंटर यूनियन एवं नंदीशाला के नाम पर अवैध वसूली की जाती है। डीसी ने इस पर भी लगाम लगाने के निर्देश अधिकारियों की बैठक में दिए थे लेकिन रविवार को इसका भी असर होते नहीं दिखा। मिली जानकारी के अनुसार कुछ लोग पिकअप गाड़ी में बैठकर अवैध पर्चियां काट रहे थे, हालांकि मीडिया के वहां पहुंचने की भनक लगते ही वो लोग मौके से फरार हो गए।
डीसी ने नहीं उठाया फोन, एसडीएम बोले, खुद करूंगा पशु मेले का निरीक्षण
इस बारे में जब डीसी एनके सोलंकी से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने बार बार कॉल के बावजूद भी फोन नहीं उठाया। फतेहाबाद के एसडीएम संत लाल पचार ने कहा कि बीडीपीओ को इस मेले में नियमों का पालन करवाने का निर्देश दिया गया है। अगले सप्ताह मैं खुद इस मेले का निरीक्षण करूंगा।