स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गर्भपात की सूचना पर मंगलवार शाम टोहाना के गर्ग नर्सिंग होम पर छापा मारा। छापा मारने आई स्वास्थ्य विभाग की टीम को गर्भपात कराने आई महिला भी मिली। आरोप था कि उक्त महिला ने कुछ दिन पहले ही इसी अस्पताल में गर्भपात कराया था। हालांकि महिला ने सीएमओ को दिए बयान में कहा है कि उसका गर्भपात सेठी नर्सिंग होम में हुआ है। जो मान्यता प्राप्त गर्भपात सेंटर है। गर्भपात की वजह में महिला ने पेट की बीमारी और उसका परिवार पूरा होने की बात को बताया है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच में जुटी हुई है।
रतिया के गांव जाखनदादी निवासी महिला बलजिंद्र कौर (35) मंगलवार शाम रतिया से टोहाना के लिए रवाना हुई। इसकी सूचना रतिया आशा वर्कर ने अपने जिला कोआर्डिनेटर को दी। उन्होंने पूरे मामले की जानकारी सीएमओ को ददी। उन्होंने तुरंत एसएमओ रतिया वीके जैन, एसएमओ टोहाना डॉ. सतीश गर्ग के नेतृत्व में टीम गठित कर गर्ग नर्सिंग होम सेंटर पर छापा मारा।
यहां गर्भपात कराने वाली महिला मौके पर मिली। इसके बाद विभाग की टीम ने जांच शुरू की। इस दौरान अस्पताल संचालक ने कहा कि इस महिला का यहां गर्भपात नहीं हुआ बल्कि सेठी अस्पताल में हुआ है। वह अस्पताल मान्यता प्राप्त गर्भपात सेंटर है। इसके बाद विभाग के एसमएओ डॉ. वीके जैन ने मान्यता प्राप्त सेंटर पर जाकर महिला के रिकार्ड के बारे जानकारी जुटाई । इसके बाद उक्त महिला को नागरिक अस्पताल में अल्ट्रसाउंड के लिए ले जाया गया।
यहां एसएमओ डॉ. सतीश गर्ग ने महिला का अल्ट्रासाउंड किया। जिसमें पता चला कि भ्रूण 10 से 11 सप्ताह का था। जिसके बाद एसएमओ ने महिला को 2 सप्ताह बाद दोबारा अल्ट्रासाउंड कराने को कहा है। वहीं महिला के मुताबिक उसकी डीएनसी सेठी अस्पताल में की गई है। चार बेटी और एक बेटा होने के चलते उसे और बच्चे नहीं चाहिए। भ्रूण 11 सप्ताह का था। परिवार पूरा होने व उसके पेट में कुछ दिनों से परेशानी होने के चलते उसने डीएमसी कराई है।
क्या कहते है सीएमओ
इस बारें में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक चौधरी ने बताया कि विभाग को सूचना मिली थी कि रतिया से एक महिला टोहाना गर्भपात कराने जा रही है। जिसके बाद छापामार कार्रवाई की गई। गर्भपात के लिए आई महिला उन्हें गर्ग अस्पताल में मिली। उसकी जांच करने पर पता चला कि इसका गर्भपात हुआ है। अभी तक की कार्रवाई को उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है। आगे की जांच की जा रही है। अगले आदेश के बाद कार्रवाई की जाएगी।
क्या कहती हैं निजी अस्पताल संचालिका
महिला का गर्भपात करने वाले सेठी अस्पताल की संचालिका सीमा सेठी ने बताया कि गर्ग मैटरनिटी सेंटर की ओर से एक महिला गर्भपात के लिए उनके अस्पताल में रेफर की गई थी। उसकी पूरी जांच और कागजी कार्रवाई करने के बाद गर्भपात कराया गया। महिला ने बताया था कि उसको और बच्चे नहीं चाहिए। इसलिए गर्भपात कराना चाहती है। महिला का गर्भपात करने के बाद उसे दोबारा उसी अस्पताल में भेज दिया गया। सरकार की ओर से उनके अस्पताल को ऐसी स्थिति में गर्भपात कराने की मान्यता प्राप्त है।