भट्टूकलां। दुनिया की सबसे उंची चोटी एवरेस्ट फतेह करने के बावजूद सरकार से सम्मान पाने की लड़ाई लड़ रही जिला फतेहाबाद की बेटी मनीषा पायल के समर्थन में विभिन्न गांव एकजुट होने लगे हैं। इस कड़ी में गांव बनावली में मनीषा पायल संग बड़ी संख्या में महिलाओं, नवोदित खिलाड़ी बेटियां, युवा व गणमान्य लोग एकत्रित हुए।
इस दौरान ग्रामीणों ने गांव में मनीषा पायल के समर्थन में एकजुटता अलख रैली निकाली। रैली उपरांत गांव के वृद्धाश्रम में ग्रामीणों ने एकमत होकर भट्टूकलां में चल रहे सरपचों के धरने को समर्थन देने के साथ- साथ हर गांव में मनीषा पायल के समर्थन में जारी आंदोलन के लिए टीमें गठित करने का निर्णय भी लिया। गांव बनावली में बैठक को संबोधित करते हुए सरपंच बलजीत झाझडिय़ा, किरढ़ान के सरपंच राजेश भिंचर, समाजसेवी धर्मपाल सेठी, भगत सिंह ब्रिगेड भट्टू ब्लॉक प्रधान नौरंग सिंह, पूर्व ब्लॉक समिति मेंबर विजय सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता हरदीप सिंह, एडवोकेट प्रशांत शर्मा ने अपने विचार रखे।
वक्ताओं ने कहा कि सरकार जब तक मनीषा पायल को पूर्व के एवरेस्ट विजेताओं की तरह पूरा मान- सम्मान नहीं दे देती, वे हर गांव- शहर में उसके सम्मान की लड़ाई जारी रखेंगे। इस कड़ी में पहले भट्टू ब्लॉक के सभी गांवों को कवर किया जाएगा, जिसमें एकजुटता अलख रैली निकालने के साथ- साथ गांव की संघर्ष कमेटियां गठित की जाएंगी। इसके साथ ही सरकार के मंत्री-विधायकों से मनीषा पायल को सम्मान देने की बातचीत के लिए सरपंचों व गणमान्यों के नेतृत्व में मिला जाएगा।
गौरतलब है कि मनीषा पायल ने 22 मई 2019 को एवरेस्ट फतेह करते हुए सबसे ज्यादा समय बिताने, राष्ट्रगान का विश्व रिकार्ड बनाया था। तिरंगा ध्वज के साथ पीएम नरेंद्र मोदी के चित्र वाला बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ संदेश अंकित झंडा भी फहराया था। मनीषा की इस उपलब्धि के बावजूद सरकार ने चार साल बीत जाने के बाद भी उसे किसी तरह का कोई सम्मान नहीं दिया है। जबकि पूर्व के एवरेस्ट विजेताओं को सरकारी नौकरी के साथ-साथ सरकार ने हर तरह के सम्मान दिए। सरकार पर भेदभावपूर्ण नीति अपनाने का आरोप जड़ते हुए मनीषा ने अपने गांव बनावली संग बीते सप्ताह ही सरकार विरोधी मोर्चा खोला है।