फतेहाबाद। पुराने बस स्टैंड की बजाय शहर से करीब चार किलोमीटर दूर बने नए बस स्टैंड से बसों का परिचालन होने से परेशान विद्यार्थियों द्वारा सड़कों पर उतरने से प्रशासन ने अपने आदेश वापस ले लिए हैं। सोमवार सुबह चौथी बार विद्यार्थियों ने प्रदर्शन करते हुए रोड जाम की तो दोपहर बाद ही सभी लोकल व लंबे रूटों की बसों का परिचालन शहर के बीच से शुरू करवा दिया गया। अब सभी बसें पुराने बस स्टैंड से भी सवारियां चढ़ाएंगी और उतारेंगी। पुराने बस स्टैंड से होकर ही नए बस स्टैंड तक जाया जाएगा। सीधे बाईपास से बसें निकालने पर रोक लगा दी गई हैं।
गौरतलब है कि 4 सितंबर को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शहर से करीब चार किलोमीटर दूर सेक्टर-5 में 20 करोड़ की लागत से बने नए बस स्टैंड का उद्घाटन किया था। इसके बाद ही आनन-फानन में शहर से गुजरने वाली बसों का संचालन बाईपास से सीधा नए बस स्टैंड पर कर दिया गया और शहर से बसों का संचालन बंद हो गया। इससे शहर की सवारियों की परेशानियां बढ़ गईं।
नए बस स्टैंड के कारण यह आई सवारियों को परेशानी
गांवों से आने वाले यात्रियों व विद्यार्थी सबसे अधिक परेशान हुए। उनको पहले नए बस स्टैंड पर जाना पड़ रहा था और वहां से ऑटो के 20 रुपये भरकर शहर में आना पड़ रहा था। इसी तरह वापसी में भी 20 रुपये किराया देकर नए बस स्टैंड तक पहुंचना पड़ रहा था। यानी एक बार में बस के किराये के अलावा 40 रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़ रहे थे। वहीं, सिटी बस सर्विस से भी शहर आने में 10 रुपये किराया देना पड़ रहा था। यही नहीं अगर कोई वाहन चालक नए बस स्टैंड पर जा रहा था तो उसे पार्किंग के 20 रुपये अतिरिक्त देने पड़ रहे थे।
शुरू हो गए थे विरोध के स्वर
नए बस स्टैंड पर बसों के संचालन के बाद से ही विरोध के स्वर शुरू हो गए थे। क्योंकि रोडवेज ने सिरसा, रतिया, टोहाना व भूना रूट की बसों का किराया छह रुपये से लेकर 12 रुपये तक बढ़ा दिया था। पुराने बस स्टैंड से नए बस स्टैंड आने व जाने का किराया यात्रियों को अतिरिक्त भुगतना पड़ रहा था। इसके विरोध में विद्यार्थी चार बार सड़कों पर उतरे थे। पहले दो बार विद्यार्थियों ने नए बस स्टैंड, एक बार रतिया रोड बाइपास व सोमवार को फतेहाबाद के लालबत्ती चौक पर जाम लगाया।
डीसी ने समझी परेशानी, जीएम को दिए आदेश
सोमवार को भारतीय किसान यूनियन चढूनी ने विद्यार्थियों के संग मिलकर शहर में रोष प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में काफी संख्या में विद्यार्थियों खासकर छात्राओं और किसानों ने भाग लिया और लालबत्ती चौक पर रोड जाम कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। जाम करीब एक घंटे तक लगा रहा। इसके बाद विद्यार्थियों ने डीसी जगदीश शर्मा को ज्ञापन देने के लिए लघु सचिवालय की ओर कूच किया। डीसी के समक्ष भी प्रदर्शनकारियों ने आसपास के गांवों से आने वाली बसों को बाईपास ले जाने की बजाय शहर के बीच से चलाने और उन्हें शहर में बने बस स्टैंड पर ही उतारने की मांग रखी ताकि वे समय पर अपने शिक्षण संस्थान पहुंच सकें। डीसी ने इस परेशानी को समझते हुए तुरंत रोडवेज जीएम को बसों का परिचालन शहर के बीच से करवाने के आदेश दिए।
पहले की लोकल रूट की बसें बहाल, फिर सभी रूटों की
डीसी के आदेशों पर रोडवेज विभाग ने पहले लोकल रूटों की बसों को पुराना बस स्टैंड से बहाल करना शुरू किया। शाम तक लोकल रूटों की बसों के साथ-साथ बड़े रूटों की बसों को भी पुराने बस स्टैंड से होते हुए नए बस स्टैंड तक जाने के आदेश दे दिए गए। सभी बसों का परिचालन अब पुराना बस स्टैंड से होकर नए बस स्टैंड तक होगा। पुराना बस स्टैंड से पहले वाला किराया लगेगा। अगर कोई सवारी नए बस स्टैंड से बस पर चढ़ती है तो उसे बढ़ा हुआ किराया देना होगा।
फतेहाबाद में लोकल रूट की इन सवारियों को मिलेगा फायदा
फतेहाबाद में लोकल रूट पर डिंग, भिरडाना, अलीकां, दादुपुर, बीराबदी, नागपुर, अजीतनगर, हांसपुर, रतिया व भूना तक बसें चलती हैं। अब इन बसों का संचालन पुराने बस स्टैंड तक होगा। वहीं बड़े रूटों में फतेहाबाद से चंडीगढ़, फतेहाबाद से वाया पटियाला चंडीगढ़, फतेहाबाद से दिल्ली, फतेहाबाद से हिसार व सिरसा जाने वाली सवारियों को भी राहत मिलेगी।
अधिकारी बोले
शहर में बस समस्या को लेकर विद्यार्थियों ने प्रदर्शन किया था। उनको जो समस्याएं आ रही थीं, उसको देखते हुए उपायुक्त ने शहर के बीच से बसें चलाने के आदेश दिए हैं। इन आदेशों के बाद अब सभी बसों का परिचालन शहर से होते हुए नए बस स्टैंड तक कर दिया गया है।
-शेर सिंह, रोडवेज डिपो महाप्रबंधक, फतेहाबाद