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नगर पालिका कर्मियों ने किया इनकार तो परिजनों ने ही पीपीई किट पहनकर किया बुजुर्ग के शव का संस्कार

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गांव मोचीवाली में कोरोना पॉजिटिव बुजुर्ग की मृत्यु होने पर पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम की मौजूदगी में बुजुर्ग के परिजनों द्वारा अंतिम संस्कार किया गया। हालांकि बुजुर्ग के अंतिम क्रिया-कर्म में परिवार के पांच लोग शामिल हुए थे। बुजुर्ग का अंतिम संस्कार करने वाले परिवार के लोगों को प्रशासन द्वारा पीपीई किट पहनाई गई। वहीं, नगर पालिका ने ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण कोरोना पॉजिटिव बुजुर्ग के शव का अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया था। इसलिए बुजुर्ग के दो बेटे, एक पौत्र और दो चचेरे भाइयों ने पीपीई किट पहनकर बुजुर्ग का अंतिम संस्कार किया।
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बताया गया है कि गांव मोचीवाली के पूर्व सरपंच स्वर्गीय अमर सिंह जांगड़ा के 72 वर्षीय पुत्र ताराचंद जांगड़ा को 22 अगस्त को दिल का दौरा पड़ गया था। जिसे परिजन इलाज के लिए हिसार के एक अस्पताल में ले गए थे। बुजुर्ग ताराचंद की हालत गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने 23 अगस्त को हार्ट सर्जरी कर दी, जिसके बाद बुजुर्ग हालात में सुधार आने के चलते उन्हें 2 सितंबर को आईसीयू से बाहर निकाल कर इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर दिया था, लेकिन उसी दिन इमरजेंसी वार्ड में फतेहाबाद के एक व्यक्ति की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने पर दो सितंबर की सुबह बुजुर्ग ताराचंद का कोरोना सैंपल लिया गया। जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उनका उपचार चल रहा था। परंतु 7 सितंबर की रात्रि को करीब 11 बजे बुजुर्ग ताराचंद कोरोना से जंग हार गए और उनकी मृत्यु हो गई। मंगलवार को मृतक का गांव मोचीवाली के श्मशान घाट में अंतिम संस्कार कर दिया।
बीडीपीओ ने मुहैया करवाई पीपीई किट
खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी रवि कुमार बागड़ी ने ग्राम सचिव जगन सिंह को मौके पर पीपीई किट के साथ भेजा, जिसके बाद ग्राम पंचायत की मदद से कोरोना महामारी से मरे बुजुर्ग के शव का अंतिम संस्कार किया गया। सरपंच सरजीत सिंह पूनिया ने मौके पर पहुंचकर बुजुर्ग के परिजनों की मदद से अंतिम संस्कार करवाया।
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