नया सत्र आने को है, इसके साथ ही अभिभावकों के मन में इस बात का डर घर कर जाता है कि स्कूल संचालक इस साल फीस में कितनी बढ़ोतरी करेंगे। लेकिन अब अपने मन से ये डर निकाल फेंकिए, क्योंकि अगर अब आपके बच्चे के स्कूल संचालक अपनी फीस में बढ़ोतरी करें तो बेखौफ होकर शिक्षा विभाग को इसकी शिकायत कीजिए, ऐसा संभव है कि आपके बच्चे के स्कूल संचालक ने शिक्षा विभाग को फार्म छह भरकर सबमिट नहीं कराया हो। जिले के लगभग 4 सौ प्राइवेट स्कूलों में से महज 15 स्कूलों ने ही शिक्षा विभाग को ये फार्म भरकर दिया है, जबकि 30 दिसंबर तक इसे जमा कराने की अंतिम तिथि थी।
फार्म छह में देना था खर्चों और फीस बढ़ाने का पूरा ब्यौरा
शिक्षा विभाग द्वारा जारी किए गए फार्म छह में स्कूल संचालक को अपनी पिछली फीस और आने वाले सत्र में की जाने वाली फीस का पूरा ब्यौरा देना था। इसके अलावा इस फार्म में स्कूल संचालक को ये भी बताना था कि उसके खर्चे क्या क्या हैं और किन कारणों के चलते उसे फीस में कितनी और क्यों बढ़ोतरी करनी पड़ रही है। लेकिन शिक्षा विभाग के आदेशों को जिले के अधिकतर स्कूलों ने गंभीरता से नहीं लिया, इसी वजह से अब तक 15 स्कूलों ने ये जानकारी शिक्षा विभाग को मुहैया करवाई है। ऐसे में विभाग अगर सख्ती करता है तो बाकी स्कूल आने वाले सत्र में अपने स्कूल की फीस और बाकी खर्चे नहीं बढ़ा सकेंगे।
पिछले साल कई जगह हुआ था फीस बढ़ोतरी का विरोध
फतेहाबाद जिले में इस समय तकरीबन 4 सौ प्राइवेट स्कूल हैं। पिछले साल जिले में कई जगह निजी स्कूलों द्वारा अनापशनाप फीसें और अन्य खर्च बढ़ाने पर अभिभावकों ने कई जगह प्रदर्शन भी किए थे। इसके अलावा कई स्कूलों के खिलाफ तो औपचारिक शिकायत भी की गई थी। ऐसे में दोबारा से ये स्थिति ना आए, इसी लिए विभाग ने फार्म छह का विकल्प दिया था ताकि समय रहते स्कूलों की नाजायज मांग को रोका जा सके। लेकिन निजी स्कूल संचालकों द्वारा अभी तक इस दिशा में कदम नहीं उठाने से शिक्षा विभाग फिर से असहाय स्थिति में आता दिख रहा है।
स्कूल संचालक खुद होंगे जिम्मेदार : उपजिला शिक्षा अधिकारी
इस बारे में बात करने पर उपजिला शिक्षा अधिकारी दयानंद सिहाग का कहना है कि विभाग ने फिलहाल 30 दिसंबर तक की ही तारीख रखी थी। अगर समय रहते निजी स्कूल संचालकों ने फार्म छह नहीं भरा है तो बाद में किसी भी परेशानी के लिए स्कूल संचालक खुद जिम्मेदार होंगे। अगर एक्सटेंशन नहीं मिलता है तो उन्हें अगले सत्र में स्कूल फीस बढ़ाने की इजाजत नहीं होगी।
वेबसाइट खुलने में लगते हैं घंटों
फतेहाबाद निजी स्कूल एसोसिएशन के महासचिव शैलेन भास्कर इसका दोष सरकार पर ही मढ़ते हुए कहते हैं कि विभाग की वेबसाइट अत्यंत बिजी रहती है। सामान्य इंटरनेट पर भी इसे खुलने में घंटो लग जाते हैं। भास्कर ने बताया कि उन्हें अपने स्कूल का डाटा सबमिट करने में तीन दिन के करीब समय लग गया। ऐसे में उन्हें पूरी उम्मीद है कि शिक्षा विभाग फार्म छह भरने की अंतिम तिथि अभी और आगे बढ़ाएगा।