आधे अधूरे इंतजामों के बीच आखिरकार मार्केट कमेटी प्रशासन ने सिरसा रोड पर नई अतिरिक्त अनाजमंडी में मंगलवार को नरमे की बोली कर मंडी का शुभारंभ कर दिया। हालांकि देखने पर नहीं लगता कि यहां पर नरमे की खरीद-फरोख्त हुई होगी, लेकिन मार्केट कमेटी सचिव और व्यापार मंडल का दावा है कि मंगलवार को यहां नरमे की बोली करवाई गई है। बड़ी बात ये है कि इतने बड़े प्रोजेक्ट को शुरू करने के मौके पर किसी भी वरिष्ठ सरकारी अधिकारी या नेता को न्यौता तक नहीं दिया गया। इसके अलावा नई अनाजमंडी में बोली शुरू करने के मौके पर किसी धार्मिक अनुष्ठान तक का आयोजन नहीं किया गया, जबकि आमतौर पर मंडी में ऐसा होता आया है।
पिलर खड़े लेकिन नहीं लगे हैं शेड,
सिरसा रोड़ पर स्थित नई अनाजमंडी में पिलर तो खड़े कर दिए गए हैं लेकिन अभी तक शेड नहीं लग सके हैं। ऐसे में नरमे की ट्रॉलियां वहां लेकर जाना खतरे से खाली नहीं हैं। बारिश होने की सूरत में किसानों के पास अपनी फसल बचाने का कोई जरिया ही मंडी में मौजूद नहीं है। इसके अलावा पंखे या अन्य बिजली व्यवस्था भी मंडी में अब तक नहीं की जा सकी है। ऐसे हालात में मंडी में फसल की बोली करवाना अपने आप में काफी रिस्की काम है।
निर्माण के चलते चारों ओर धूल-मिट्टी
मार्केट कमेटी प्रशासन भले ही नई अतिरिक्त अनाजमंडी में फसल की बोली शुरू करवाने का दंभ भरता फिरे, लेकिन हालात इससे इतर ही हैं। मंडी में अभी भी निर्माण कार्य जारी है। ऐसे में यहां पर सारा दिन धूल-मिट्टी उड़ती रहती है। किसानों के लिए बैठने या आराम करने के लिए भी कोई व्यवस्था तक नहीं की गई है। ऐसे में अपनी फसल लेकर नई अतिरिक्त अनाजमंडी में आने वाले किसानों की सुविधा का कोई ध्यान नहीं रखा गया है। अब इससे बदतर हालात क्या होंगे कि मंडी में किसानों के पीने के लिए पानी तक की व्यवस्था नहीं थी।
दोपहर तीन बजे तक चली नरमे की बोल
मार्केट कमेटी अधिकारियों ने दावा किया है कि मंगलवार को सिरसा रोड स्थित नई अतिरिक्त अनाजमंडी में लगभग दो हजार क्विंटल नरमे की बोली करवाई गई है। अफसरों की मानें तो मंगलवार को तकरीबन 100 से अधिक ट्रालियां नई अतिरिक्त अनाजमंडी में लाई गई और सुबह 11 बजे से लेकर दोपहर तीन बजे तक यहां नरमे की बोली चलती रही।
अधूरा है मंडी का निर्माण
सिरसा रोड पर अतिरिक्त अनाजमंडी की आधार शिला तीन साल पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री ने रखी थी। इसके लिए 100 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया। इसके लिए 98 करोड़ की राशि खर्च हुई। इसके बाद अनाजमंडी मे शेड, सड़कें और चारदीवारी एक साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अधिकारियों व सरकार की लापरवाही के कारण अभी भी वहां कोई भी कार्य पूरा नहीं हो सका है। हालात इस कदर हैं कि अभी तक मंडी की पूरी चारदीवारी तक नहीं की गई है। ज्ञात रहे कि पिछले डेढ़ साल से हरेक फसल में मार्केट कमेटी द्वारा दावा किया जाता है कि गेहूं व धान की आवक नई अनाजमंडी में होगी लेकिन अभी तक इसका निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है।
नरमे की बोली के साथ शुभारंभ
मार्केट कमेटी सचिव दिलावर सिंह ने बताया कि मंगलवार से नरमे की बोली के साथ ही नई अतिरिक्त अनाजमंडी का शुभारंभ करवा दिया गया है। उन्होंने कहा कि अभी निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माण पूरा होने के बाद औपचारिक रूप से कार्यक्रम आयोजित कर शुभारंभ करवाया जाएगा।