फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जमीनों के मुआवजे के लिए नहीं हैं पैसे

Sat, 07 Jan 2017 11:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

वित्तीय संकट से जूझ रहे हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) के सामने अब एक और मुसीबत आ गई है। विभाग के अधिकारियों ने फतेहाबाद की एक अदालत में यह कहकर सबको चौंका दिया कि उनके पास सेक्टरों के लिए अधिग्रहीत की गई जमीन के मालिकों को मुआवजा देने के लिए पैसे ही नहीं हैं। हुडा ने फतेहाबाद के तीन सेक्टरों की सैकड़ों एकड़ जमीन के बदले लगभग पांच सौ करोड़ का मुआवजा देना है। शनिवार को कोर्ट में पहुंचे हुडा के हिसार कार्यालय के अधिकारियों ने कोर्ट के सामने कहा कि उनके पास फिलहाल 89 करोड़ ही हैं, जिस पर कोर्ट ने उन्हें 20 मई तक किसानों का मुआवजा देनेे को कहा है।

सेक्टर 9,10,11 के लिए अधिग्रहीत की गई जमीन का बकाया मुआवजा न मिल पाने के मामले की शुक्रवार को न्यायाधीश राजेंद्र कुमार ढांडा की अदालत में सुनवाई हुई। अदालत में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के प्रशासक दिनेश यादव व राजस्व अधिकारी महेंद्र बिश्नोई पेश हुए। कोर्ट द्वारा जब किसानों की बकाया लगभग 500 करोड़ रुपये का भुगतान करने को कहा गया तो हुडा के अधिकारियों ने अदालत को बताया कि हुडा की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए हुडा ने ग्लोबल टेंडर आमंत्रित कर प्लाटों की सेल भी लगाई थी, लेकिन लोगों ने प्लाट खरीदने में कोई रुचि नहीं दिखाई। इसलिए हुडा की आर्थिक स्थिति सुधर नहीं पाई। इस पर कोर्ट ने हुडा अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह 20 मई तक किसानों का भुगतान कर दें।
विज्ञापन
विज्ञापन


हुडा के लिए सबसे महंगा सौदा बना सेक्टर-11
बीघड़ रोड पर नहर के आगे काटा गया सेक्टर-11 हुडा के लिए सबसे महंगा सौदा साबित होता दिख रहा है। लगभग सौ एकड़ जमीन पर काटे गए सेक्टर के अधिकतर प्लॉट सरेंडर किए जा चुके हैं। इसके पीछे मुआवजा राशि लगातार बढ़ने के चलते इनके रेटों में आया उछाल है। फतेहाबाद में रियल इस्टेट में पिछले पांच सालों से काफी मंदी है। हिसार रोड स्थित सेक्टर में लगभग ढाई से 3 लाख रुपये प्रति मरले की दर से प्लॉट उपलब्ध हो रहे हैं, जबकि सेक्टर-11 में मौजूदा दर लगभग पांच लाख रुपये से शुरू होती है। इस कारण लोगों ने इस सेक्टर से किनारा कर लिया। दूसरी ओर, जिन किसानों की जमीन लेकर हुडा ने ये सेक्टर काटा था, उन किसानों ने मुआवजा राशि बढ़ाने के लिए लंबी कानूनी लड़ी और जीत भी हासिल की। इस सेक्टर के लिए हुडा को प्रत्येक एकड़ के लिए तकरीबन डेढ़ से दो करोड़ तक मुआवजा राशि देनी पड़ रही है।


 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें