जिला उपायुक्त के आदेशानुसार गांव जमालपुर में कस्टोडियन की जगह पर कब्जा छुड़ाने के लिए भारी पुलिस बल के साथ अधिकारी पहुंचे लेकिन अधिकारियों की सूझबूझ के चलते कोर्ट व सरकार के आदेशानुसार जमीन को गुरुद्वारा कमेटी खरीदने के लिए तैयार हो गई। जिससे मामला सुलझा लिया गया।
सुबह लगभग दस बजे भारी पुलिस बल सदर थाना में एकत्रित हुआ। कस्टोडियन के जिला अधिकारी नवजोत कौर बराड़, तहसीलदार नवदीप नैन, एसएचओ सदर प्रदीप कुमार के नेतृत्व में कब्जेदारों से जगह खाली कराने की तैयारी की जा रही थी। इस बीच अधिकारियों से बातचीत करने के लिए समिति के सदस्यों को बुलाया गया ताकि मामले को शांति से निपटाया जा सके। इस पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के 9 सदस्यों की टीम बलबीर सिंह के नेतृत्व में गठित कर विचार-विमर्श किया गया जो कोर्ट और सरकार के आदेशानुसार कलेक्टर रेट पर जमीन खरीदने के लिए तैयार हो गई तथा जमीन को उन्होंने अंडरटेक कर लिया। जिसके बाद पुलिस की टीम वापस लौट गई।
क्या कहते हैं तहसीलदार
इस बारे में तहसीलदार नवदीप नैन ने बताया कि वर्ष 2008 में जमीन पर गुरुद्वारे का निर्माण किया गया था। यहां गुरुग्रंथ साहिब की स्थापना की गई थी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2009 में फैसला सुनाया था कि वर्ष 2009 से पूर्व कस्टोडियन की जगह पर बने मंदिर, गुरुद्वारे और अन्य सामाजिक संस्थाओं को जमीन कलेक्टर रेट पर दे दी जाए। इसके बाद विभाग द्वारा संबधित संस्था को जमीन खरीदने के लिए कहा गया था। हालांकि कुछ कारणो़ से वे खरीद नहीं पाए थे। कुछ दिन पूर्व गांव के कुछ युवकों ने जिला उपायुक्त को पत्र लिखकर जगह पर कब्जा होने के बारे में जानकारी दी थी। इस पर जांच की गई तथा शनिवार को कार्रवाई का निर्णय लिया गया। उस उपरांत संबधित संस्था से जमीन खाली करने के आदेश दिए तो वे कोर्ट व सरकार के नियमानुसार जमीन खरीदने को तैयार हो गए।