सर्वेे के मुताबिक हैदराबाद कीटनाशकों के इस्तेमाल के मामले में तीसरे स्थान पर काबिज है। इस बारे में पंजाब से पहुंचे वक्ता सुखदेव सिंह ने जानकारी दी।
सुखदेव सिंह स्थानीय जाट धर्मशाला में सामाजिक संस्था जिंदगी के तत्वाधान में जमीन की लगातार घटती उपजाऊ क्षमता, पर्यावरण प्रदूषण और मानव के समक्ष इन गंभीर समस्याओं से पैदा हुई जीवन को बचाए रखने की समस्या पर मंथन करने के उद्देश्य से एक विचार गोष्ठी बतौर वक्ता पहुंचे थे।
विचार गोष्ठी में अखिल भारतीय प्रकृति-मानव केंद्रित जन आंदोलन की संयोजन कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सज्जन कुमार बतौर मुख्य वक्ता पहुंचे, जबकि राष्ट्रीय प्रभारी स. सुखदेव सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इस दौरान अन्य वक्ताओं में हिसार से महावीर शर्मा, कृषि विशेषज्ञ डॉ. राजेन्द्र शर्मा, प्रकृति-मानव जन आंदोलन कमेटी सदस्य सुभाष पूनिया, अधिवक्ता भरत सिंह परिहार ने भी अपने विचार रखे। संचालन संस्था अध्यक्ष हरदीप सिंह ने किया।
विचार गोष्ठी के दौरान अखिल भारतीय प्रकृति-मानव केंद्रित जन आंदोलन की संयोजन कमेटी के राष्ट्रीयध्यक्ष सज्जन कुमार ने कहा कि वायुमंडल में ग्रीन हाउस गैसों का जो स्तर 300 पी.पी.एम से अधिक नहीं होना चाहिए था, वह 2015 के आंकड़ों के अनुसार 400 पी.पी.एम तक पहुंच चुका है।
यदि प्रदूषण इसी गति से आगे बढ़ता रहा तो वर्ष 2035 तक यह आंकड़ा तबाही की सीमा 450 पी.पी.एम को पार कर जाएगा।
इस प्रकार की समस्याओं के समाधान के लिए एकजुट होकर बड़े स्तर पर प्रयास करने का आह्वान किया ताकि भविष्य में मौत का मुख्य कारण बनने वाले इस तरह के खतरों को अभी से नियंत्रित करने के प्रयासों को निर्णायक विजयी शिखर तक पहुंचाया जा सके।
इस अवसर पर डा. सुरेश पंचारिया, पवन ढाका, अमन शहीदांवाली, प्रवीन बिश्नोई सिरसा, अमित राड़, धीरज गाबा टोहाना, संजय सिंघल, चिरंजीलाल बूरा, मास्टर प्रताप सिंह, प्रेम प्रकाश हिसार, राधेश्याम सोनी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।