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Fatehabad News: बेसहारा पशुओं से परेशान फतेहाबाद, लाखों खर्च, फिर भी सड़कों पर लगा है जमावड़ा

Tue, 22 Apr 2025 11:33 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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फतेहाबाद के बीघड़ रोड पर रात के समय झुंड बनाकर घूमते बेसहारा पशु। संवाद
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फतेहाबाद। प्रशासन की ओर से लाखों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद शहर के मुख्य बाजारों और प्रमुख सड़कों पर बेसहारा पशुओं की भरमार बनी हुई है। जिले के टोहाना और भूना को छोड़कर सभी नगर परिषद क्षेत्रों में इन पशुओं को पकड़ने के लिए टेंडर जारी किए गए हैं। फिर भी स्थिति में खास सुधार नहीं हुआ है।
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फतेहाबाद, रतिया और जाखल क्षेत्र की सड़कों पर विशेषकर रात के समय बड़ी संख्या में बेसहारा पशु झुंडों में बैठे देखे जा सकते हैं। इससे न केवल आवागमन में बाधा आती है, बल्कि आए दिन हादसों की भी आशंका बनी रहती है। यह स्थिति तब है जब नगर परिषद के अधिकारी दावा करते हैं कि सड़कों से बेसहारा पशुओं को नियमित रूप से पकड़ा जा रहा है। रात के समय शहर के भट्टू रोड, हिसार-सिरसा रोड, बीघड़ रोड और जवाहर चौक जैसे क्षेत्रों में अक्सर पशु सड़कों के बीच बैठे दिखाई देते हैं।

जाखल में 500 का लक्ष्य, सिर्फ 81 पशु पकड़े गए

जाखल नगर पालिका द्वारा बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए 1400 रुपये प्रति पशु की दर से टेंडर लगाया गया था। टेंडर में कुल 500 पशुओं को पकड़ने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अब तक केवल 81 पशु ही पकड़े जा सके हैं। पकड़े गए पशुओं को नगर की गोशाला में छोड़ा जाना था, लेकिन जगह की कमी के कारण यह प्रक्रिया अधर में लटक गई है। गोशाला कमेटी ने पशुओं को रखने के लिए अतिरिक्त शेड निर्माण की मांग की है।
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रतिया में टेंडर के बावजूद अधूरी प्रक्रिया

रतिया नगर पालिका ने भी 1400 रुपये प्रति पशु की दर से ठेका दिया हुआ है। शुरुआती दिनों में एजेंसी के कर्मचारी सक्रिय रहते हैं, लेकिन कुछ दिनों बाद काम बंद कर देते हैं। जब सड़कों पर दोबारा पशु दिखने लगते हैं, तब नगर पालिका उन्हें फोन करती है और कर्मचारी कुछ पशुओं को पकड़ने के बाद फिर से चले जाते हैं। अब तक रतिया क्षेत्र में लगभग 278 पशु पकड़े जा चुके हैं, लेकिन शहर के कई इलाकों में अभी भी बेसहारा पशु घूमते देखे जा सकते हैं।

फतेहाबाद में रेवाड़ी की एजेंसी कर रही कार्य, ठेके में बढ़ोतरी

फतेहाबाद नगर परिषद ने पहले 920 रुपये प्रति पशु की दर से रेवाड़ी की एक एजेंसी को पशु पकड़ने का ठेका दिया था। वर्तमान में यह ठेका 1012 रुपये प्रति पशु की दर से दिया गया है। पिछले वर्ष एजेंसी ने लगभग 1100 पशु पकड़े थे, जबकि नए ठेके के तहत अब तक लगभग 150 पशु पकड़े जा चुके हैं। इसके बावजूद भट्टू रोड, हिसार-सिरसा रोड, बीघड़ रोड और जवाहर चौक जैसे क्षेत्रों में रात के समय सड़कें पशुओं से अटी रहती हैं।

भूना बना कैटल फ्री क्षेत्र

फतेहाबाद जिले का भूना क्षेत्र काफी समय पहले ही कैटल फ्री घोषित हो चुका है। इस सफलता को विधानसभा में भी सराहा गया था। भूना को कैटल फ्री बनाने में चेयरपर्सन अर्पणा पसरीजा की अहम भूमिका रही है और उनकी इस पहल की प्रशंसा भी हुई थी। वर्तमान में भूना क्षेत्र पूरी तरह कैटल फ्री बना हुआ है।

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जिले का भूना क्षेत्र कैटल फ्री हो चुका है, वहीं बाकी क्षेत्र को भी कैटल फ्री करने के लिए नगर परिषद व नगर पालिका काम कर रही हैं। बेसहारा पशुओं को पकड़ने को लेकर काम चल रहा है।

- संजय बिश्नोई, जिला नगर आयुक्त, फतेहाबाद।

फतेहाबाद के बीघड़ रोड पर रात के समय झुंड बनाकर घूमते बेसहारा पशु। संवाद

फतेहाबाद के बीघड़ रोड पर रात के समय झुंड बनाकर घूमते बेसहारा पशु। संवाद

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