जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में महिला आंगनबाड़ी वर्करों एवं हेल्परों के पद के लिए बुधवार को अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय में साक्षात्कार लिए गए। मात्र दो दर्जन पदों के लिए यहां 700 के करीब महिलाएं इंटरव्यू देने पहुंची। इंटरव्यू पूरा दिन चला।
गर्मी, उमस और पानी की कमी के कारण अनेक महिलाओं की तबियत बिगड़ गई। इंटरव्यू के दौरान अधिकतर महिलाओं के बच्चों को उनके पति ने संभाला। जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में काफी अर्से से महिला हेल्पर एवं वर्करों के पद खाली थे। इन पदों के लिए महिला एवं बाल कल्याण विभाग ने आवेदन मांगे थे। उसी के तहत बुधवार को करीब 700 महिलाएं इंटरव्यू देने पहुंची। इंटरव्यू में अतिरिक्त उपायुक्त जेके अभीर, सीडीपीओ आशा सेतिया, एक महिला चिकित्सक एवं दो अन्य सदस्य भी मौजूद रहे। सचिवालय की द्वितीय मंजिल पर लिए जा रहे इंटरव्यू में सबसे पहले टोहाना ब्लॉक के साक्षात्कार लिए गए। दोपहर बाद जाखल, रतिया और भूना के आवेदकों के इंटरव्यू देर रात तक चलते रहे।
इस दौरान कई महिलाओं की तबियत बिगड़ी, जिसके चलते उनके साथ आए परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। दो महिलाओं को बुखार हुआ तो कई महिलाओं ने बेचैनी की शिकायत की। गर्मी से बेहाल महिलाएं लघु सचिवालय के बाहर पार्क में लेटकर अपने इंटरव्यू का इंतजार करती रही।
दोपहर बाद भी नंबर नहीं आया
इंटरव्यू देने आई रतिया की राजकुमारी ने बताया कि उसको कहा गया था कि सुबह ही इंटरव्यू हो जाएगा, लेकिन दोपहर होने के बाद भी नंबर नहीं आया है। यहां इतने लोगों को बुला लिया गया, लेकिन पानी तक की कोई व्यवस्था नहीं की गई। पानी पीने के लिए भी दो मंजिला उतरकर बाहर जाना पड़ रहा है।
इंटरव्यू देने आई निर्मला ने कहा कि जब इतने सारी महिलाओं को बुलाया गया है, तो निश्चित तौर पर एक डॉक्टर की व्यवस्था भी करनी चाहिए थी, ताकि बीमार होने की सूरत में उसका तुरंत इलाज हो सके।