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मुआवजा ना मिलने से गुस्साए भू-स्वामियों ने रुकवाया फोरलेन का काम, जमकर की नारेबाजी

Wed, 08 Mar 2017 11:26 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहाबाद
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फोरलेन का काम रोकने वाले किसानों से बात करते एसडीएम सतबीर जांगू । - फोटो : bureau
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मुआवजा नहीं मिलने से गुस्साए फोरलेन प्रभावित किसानों ने बुधवार को हांसपुर रोड के पास जमकर बवाल काटा। किसानों का आरोप था कि प्रशासन जानबूझकर उन्हें मुआवजा देने में आनाकानी कर रहा है। इस आरोप के साथ ही प्रभावित किसानों ने हांसपुर से सिरसा रोड की ओर जाने वाले फोरलेन का काम रुकवा दिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सूचना मिलते ही एसडीएम सतबीर जांगू मौके पर पहुंचे और किसानों को चेतावनी दी कि अगर उन्होंने काम रुकवाया तो उनके खिलाफ मामला दर्ज करवा दिया जाएगा। इससे भड़के किसानों ने उन्हें दो टूक जवाब दिया तो एसडीएम नेशनल हाईवे के अधिकारियों के साथ लौटे और 23 मार्च से पहले मुआवजा जारी होने का आश्वासन दिया। हालांकि इसके बावजूद किसानों ने मुआवजा राशि ना मिलने तक सड़क पर पत्थर नहीं डालने देने का ऐलान किया है।
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इस मौके पर एसडीएम  सतबीर जांगू के साथ पहुंचे नेशनल हाइवे के प्रोजेक्ट डायरेक्टर आरके राठी व डीएसपी गुरुदयाल सिंह ने किसानों को बताया कि मुआवजे की डिमांड फाइनेंस विभाग के पास गई हुई है और 23 मार्च से पहले राशि किसानों के खाते में आ जाएगी। पर किसान नहीं माने। उनका आरोप था कि फोरलेन हाइवे के लिए फतेहाबाद, भीमा बस्ती, धांगड़, हिजरावां, दौलतपुर, हिजरावां समेत कई गांवों के 400 किसानों की जमीन अधिग्रहीत हुई है। जमीन का रेट कम देने पर पिछले साल किसानों ने सात महीने तक धरना दिया। प्रशासन ने इस आश्वासन पर धरना उठवाया कि दो महीने में राशि बढ़कर मिल जाएगी। हालांकि सात माह बीत जाने के बावजूद आज तक किसानों को मुआवजा राशि नहीं मिली।

अब तक मिली है 30 फीसदी राशि, 70 प्रतिशत बकाया
किसान संघर्ष समिति के प्रधान महेश मेहता ने आरोप लगाया कि सरकार ने फोरलेन का काम लगभग पूरा कर लिया है लेकिन किसानों को मुआवजा राशि का महज 30 फीसदी ही दिया गया है। उन्होंने बताया कि अभी भी 70 फीसदी मुआवजा सरकार के पास ही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही मुआवजा राशि जारी नहीं की गई तो फिर से काम रोक दिया जाएगा।
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