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कोहरे के कारण हुई ट्रेनों की चाल धीमी, यात्री परेशान

Mon, 12 Dec 2016 12:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहाबाद
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जाखल रेलवे स्टेशन पर बने प्रतीक्षालय के गेट न होने के कारण कड़ाके की ठंड के बीच बैठे यात्री। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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कोहरे के कारण ट्रेनों के देरी से चलने के कारण यात्रियों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है दरअसल कोहरे के कारण ट्रेनों की चाल धीमी हो गई है। जिससे आज लगातार तीसरे दिन छाए रहे घने कोहरे व धुंध की चादर से गुवाहाटी से लालगढ़ जाने वाली अवध आसाम एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से करीब 22 घंटे की देरी से पहुंची। बीते दिन शाम को साढ़े 7 बजे आने वाली अवध आसाम एक्सप्रेस रविवार शाम करीब साढ़े 3 बजे पहुंची। वहीं सुबह दिल्ली से फिरोजपुर जाने वाली सराय रोहिल्ला छिंदवाड़ा एक्सप्रेस भी करीब सवा 8 घंटे की देरी से पहुंची। ट्रेनों के देरी से चलने के कारण यात्रियों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।


पहाड़ों में हो रही बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों पर देखने को मिल रहा है। पहाड़ों में बर्फबारी के चलते मैदानी इलाकों में धुंध की सफेद बिछ गई है। दिन में कुछ घंटों को छोड़कर लोगों को जहां कोहरे का सामना करना पड़ रहा है वहीं इससे ठंड में भी इजाफा हो रहा है। रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को ठंड से बचाने के लिए कोई भी उपाय नहीं किए गए हैं। यहां तक की रेलवे के प्रतीक्षालय में गेट भी नहीं है। जिससे प्रतीक्षालय के दोनों ओर से आने वाली ठंडी हवाओं के बीच ही यात्रियों को ट्रेनों का इंतजार करना पड़ रहा है।
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रेलवे प्रशासन की ओर से देरी से चल रही ट्रेनों के इंतजार में बैठे यात्रियों के लिए किसी तरह के अलाव की भी कोई व्यवस्था नहीं की हुई है। जिससे बच्चे, बूढ़े व महिलाओं को ज्यादा परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। अनेक लोगों ने जहां प्रतीक्षालय में ही किसी तरह ट्रेनों का इंतजार किया तो वहीं कोई पुल के नीचे ठंड से बचने के लिए दुबकता दिखाई दे रहा है। आलम यह है कि ठंड के साथ साथ यात्रियों को टे्रनों की देरी से हो रही परेशानी का भी सामना करना पड़ रहा है।
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कोहरे के कारण होती है देरी
स्टेशन अधीक्षक सूरजभान शर्मा ने कहा कि कोहरे से बचने के लिए प्रतीक्षालय है। जबकि कोहरे के कारण ज्यादातर लंबी दूरी की ट्रेनों पर इसका असर पड़ता है। सिग्नल दिखाई न देने के कारण गाड़ी के चालक को गाड़ी की स्पीड कम करनी पड़ती है। कोहरे में हादसों को रोकने के लिए भी विभाग पोटाश का रेल पथ पर प्रयोग करता है। इससे चालक को सिग्रल दिया जाता है। ट्रेनों के देरी से चलने की सूचना यात्रियों को उपलब्ध कराई जा रही है।

 
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