राशन डिपो पर बायोमेट्रिक मशीनों की तकनीकी खराबी और नेटवर्क फेल होना गांवों में राशन उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का सबब बन गया है। पिछले आठ दिनों से राशन को लेकर डिपो पर पूरे दिन इंतजार करने के बाद भी अनाज नहीं मिला तो उपभोक्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया।
इस दौरान उपभोक्ताओं ने विरोध स्वरूप नारेबाजी कर हंगामा किया। डिपो होल्डर राजेश लांबा ने बताया कि उपभोक्ताओं के बायोमेट्रिक मशीन पर अंगूठे चिन्ह को नहीं ले रही है। इसलिए राशन वितरण में भी दिक्कत है। क्योंकि जिस उपभोक्ता का मशीन अंगूठा चिन्ह उठाएगी और पर्ची बाहर निकलेगी तभी ही उसे गेहूं, चीनी व दाल आदि दी जाएगी।
मगर ऐसा पिछले कई दिनों से नेटवर्क खराबी के कारण हो नहीं पा रहा है। हसंगा निवासी अमरीक सिंह, काला राम, रामकुमार, बलजीत सिंह, छिन्दा सिंह, सुखविंद्र सिंह, परमजीत सिंह, मलकीत सिंह, पाना सिंह, भूप सिंह गोदारा, राजेंद्र सिंह आदि ने बताया कि पिछले 10 दिनों से डिपो में राशन लेने के लिए लगातार आ रहे हैं। मगर उनका अंगूठा के निशान को मशीन नहीं ले रही है तथा नेटवर्क भी बिल्कुल फेल हो चुका है।
इससे उन्हें दिक्कत आ रही है। उपभोक्ताओं ने बताया कि वह मजदूरी करके अपना जीवन यापन कर रहे हैं। परंतु राशन घर पर न होने के कारण डिपो में गेहूं और दाल नहीं मिल रही। इससे उनके घर रोटी का भी संकट खड़ा हो गया है। उपभोक्ताओं ने बताया कि वह खेतों में नरमा चुगाई व अन्य दिहाड़ी करने से भी वंचित रह गए हैं। मगर राशन डिपो की ऑन लाइन प्रणाली उपभोक्ताओं के लिए मुसीबत बन गई है।
क्या कहते हैं इंस्पेक्टर
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर यादविंद्र सिंह गिल ने बताया कि बायोमेट्रिक मशीन का नेटवर्क में बड़ी दिक्कत है। इसके समाधान के लिए विशेषज्ञों की टीम को बुलाया गया है। गांवों में करीब 74 बायोमेट्रिक मशीने डिपो होल्डरों को दी गई है। लेकिन हर जगह से ही समस्या आ रही है। समाधान के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है।