लगता है नया साल जिले के स्कूल संचालकों के लिए कुछ खास अच्छा साबित नहीं होगा। शिक्षा विभाग के ताजे फरमान देखकर तो कुछ ऐसा ही लगता है। अगर शिक्षा विभाग की चली तो अगले सत्र से जिले के लगभग पौने चार सौ स्कूल अपनी फीस और बाकी खर्चे नहीं बढ़ा सकेंगे। अगर फिर भी स्कूल संचालक फीस बढ़ाते हैं तो अभिभावक इसकी शिकायत विभाग को कर सकेंगे। इसके अलावा अगले सत्र से तीन साल से कम उम्र के बच्चे को स्कूलों में दाखिला भी नहीं मिलेगा। इतना ही नहीं, सरकार ने प्लेवे और क्रैच सेंटरों को भी इस फैसले में कोई छूट नहीं दी है। शिक्षा विभाग के उपजिला शिक्षा अधिकारी दयानंद सिहाग ने इसकी पुष्टि की है।
चार सौ में से महज 30 ने भरा फार्म छह, अंतिम तिथि निकली
शिक्षा विभाग ने जिले के सभी स्कूलों को फार्म छह फार्म ऑनलाइन भरकर उसकी हार्ड कापी विभाग के पास सबमिट करने के आदेश दिए थे। फार्म छह को ऑनलाइन भरने की अंतिम तिथि 30 दिसंबर थी, लेकिन तारीख आगे बढने की आशा के चलते अधिकतर स्कूल संचालकों ने फार्म छह सबमिट ही नहीं किया। अब ताजा हालात ये हैं कि इसकी अंतिम तिथि निकल गई है और जिले के लगभग 4 सौ स्कूलों में से महज 30 स्कूलों ने ही अपना फार्म छह जमा करवाया है। ऐसे में बाकी सभी स्कूलों को मजबूरन अपनी फीस व बाकी खर्चे पिछले सत्र के अनुसार ही रखने होंगे। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो अभिभावक की शिकायत पर शिक्षा विभाग उक्त स्कूल के खिलाफ कड़ी क.ार्यवाही करेगा।
3 साल से कम उम्र के बच्चों को नहीं मिलेगा दाखिला
जिले के अनेक स्कूलों ने अपने यहां प्लेेवे या किड़्स केयर सेंटर की शुरूआत कर रखी है। इसमें बच्चों को शुरु से एक्टिव बनाने के नाम पर स्कूल संचालक तीन साल से कम उम्र के बच्चों को एडमीशन दे देते थे। लेकिन अगले सत्र से स्कूल संचालक ऐसा नहीं कर सकेंगे। इतना ही नहीं, विशेष तौर पर छोटे बच्चों को पढ़ाने वाले प्लेवे और क्रेच सेंटर भी तीन साल से कम उम्र के बच्चों को दाखिला नहीं दे सकेंगे। नए सत्र की शुरुआत में शिक्षा विभाग की एक विशेष टीम बाकायदा स्कूलों का औचक निरीक्षण कर इस बात की जांच करेंगे कि कहीं स्कूल या प्लेवे में तीन साल से कम उम्र का कोई बच्चा तो नहीं है। इतना ही नहीं, विभाग अब बच्चे के एडमीशन के समय जन्म प्रमाणपत्र अनिवार्य करने पर भी गंभीरता से विचार कर रहा है।
अभिभावक शिकायत करेंगे तो होगी कार्यवाही : डिप्टी डीईओ
इस बारे में बात करने पर उपजिला शिक्षा अधिकारी दयानंद सिहाग ने पुष्टि करते बताया कि अभी तक महज 30 के करीब स्कूलों ने ही फार्म छह भरकर विभाग को सौंपा है। बाकी स्कूलों को अगले सत्र में फीस और अन्य खर्च बढ़ाने की अनुमति नहीं होगी। फीस बढ़ाने पर अगर किसी अभिभावक ने स्कूल की शिकायत की तो उस शिकायत के आधार पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी। स्कूलों में अब तीन साल से कम उम्र के बच्चों को दाखिला भी नहीं देना है।