लगभग दो साल बाद फतेहाबाद आ रहे मुख्यमंत्री मनोहर लाल से इस बार भी जनता को खासी उम्मीदें होंगी कि वे अपनी घोषणाओं से फतेहाबाद की झोली मालामाल कर जाएंगे। 15 दिसंबर को सीएम मनोहर लाल जिले में कार्यकर्ता सम्मेलन में आ रहे हैं। वहीं, दो साल पहले फतेहाबाद आए मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा की गई घोषणाएं किस स्टेज पर पहुंची, आइए जरा, उसका भी आंकलन कर लीजिए।
कचरा प्रबंधन प्लांट :
कचरा प्रबंधन प्लांट से फतेहाबाद जिले के साथ साथ हिसार जिले के उकलाना और बरवाला क्षेत्र को भी फायदा मिलना था। इन जगहों का कचरा शहर में ही इधर-उधर गिरने की बजाए इस कचरा प्रबंधन प्लांट में डाला जाता और बाद में इसे रिसाइकल कर उससे बिजली या अन्य उत्पाद की कोई ऊर्जा बनानी थी। सीएम की ओर से इस बाबत घोषणा लगभग 31 दिसंबर 2014 को की गई थी। 15 दिसंबर 2016 को जब सीएम दोबारा आ रहे हैं तो ये कचरा प्रबंधन प्लांट की घोषणा अब तक सिरे नहीं चढ़ सकी है। सिरे चढ़ना तो दूर, अभी तक इसका निर्माण तक शुरू नहीं किया जा सका है।
चिल्ली झील :
फतेहाबाद बस स्टैंड के साथ साथ चिल्ली एकमात्र ऐसा प्रोजेक्ट है जिसे दो-दो मुख्यमंत्रियों ने अपनी घोषणाओं में जगह दी है। लेकिन काम अभी तक शुरू नहीं हो सका है। लगभग डेढ़ साल पहले टोहाना की जनसभा में सीएम मनोहर लाल ने फतेहाबाद की चिल्ली को झील बनाने का ऐलान किया था। इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा तो इसका शिलान्यास भी कर चुके हैं, लेकिन धरातल पर काम अभी तक शुरू नहीं हुआ है। चिल्ली को झील बनाने का प्रोजेक्ट आम जनता के दिल के काफी करीब है। लेकिन महज कागजों में ही होती खानापूर्ति के चलते अभी तक इस प्रोजेक्ट को पंख नहीं लगे हैं।
सामान्य अस्पताल की नई इमारत :
इसे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपनी घोषणाओं में जगह दी थी। लेकिन इस साल के शुरुआत में ही ये साफ हो गया कि फतेहाबाद नागरिक अस्पताल की नई इमारत नहीं बनेगी। सरकार की योजना है कि प्रत्येक जिले में मेडिकल कालेज बनाया जाए। इसके चलते अस्पताल की बहुप्रतीक्षित इमारत की योजना ड्रॉप कर दी गई। जबकि फतेहाबाद नागरिक अस्पताल की बिल्डिंग की हालत दयनीय है। पिछले दिनों छत से मलबा गिरने से एक नवजात की मौत हो चुकी है। इसे लेकर काफी हंगामा हुआ था। हालांकि इन दिनों अस्पताल की मरम्मत का काम चल रहा है, लेकिन लगातार मरम्मत के बावजूद अस्पताल की जगह कम पड़ रही है। 50 बिस्तरों के लिए मूल डिजाइन का अस्पताल पहले ही 100 बिस्तरों का बोझ झेल रहा है, जिसके चलते अस्पताल के अंदर मरीजों को रखने तक सही व्यवस्था नहीं है।
इस बारे में जब नगरपरिषद के एमई एच के शर्मा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि चिल्ली झील पर फाइनल मैपिंग का कार्य हो चुका है। इस पर कुछ कब्जों का मसला था, उन कब्जों के हटते ही इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया जाएगा। कचरा प्रबंधन प्लांट की साइट फाइनल करने के लिए जल्द ही संबंधित कंपनी के कर्मचारियों को बुलाया जाएगा।
सभी काम हमारे ध्यान में हैं। कई काम हाथों-हाथ नहीं होते। इसके पीछे एक पूरी प्रक्रिया होती है। इस प्रक्रिया का पालन करना पड़ता है। जनता चिंता न करें। सीएम की पुरानी घोषणाओं को भी जल्द पूरा करवाया जाएगा। -वेद फुलां, भाजपा जिलाध्यक्ष, फतेहाबाद ।