मार्च के अंतिम सप्ताह या अप्रैल माह के प्रथम सप्ताह में मुख्यमंत्री मनोहर लाल का जिले में आगमन हो सकता है। मुख्यमंत्री द्वारा जिला में विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया जाएगा। ये बात उपायुक्त एनके सोलंकी ने वीरवार को अधिकारियों की बैठक में कही। ये बैठक सीएम विंडो पर प्राप्त शिकायतों के स्टेटस बारे बुलाई गई थी।
बैठक में उपायुक्त एनके सोलंकी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे सीएम विंडो पर प्राप्त शिकायतों के निपटान में देरी नहीं करें। यदि कोई अधिकारी इस संबंध में कोताही करता है तो उसके खिलाफ कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। उपायुक्त एनके सोलंकी वीरवार को लघु सचिवालय स्थित बैठक कक्ष में सीएम विंडो व मुख्यमंत्री द्वारा जिला में की गई विभिन्न विकास कार्यों की घोषणाओं के संबंध में आयोजित एक विशेष बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 2015 व 2016 में प्राप्त शिकायतों का निपटान अगले सात दिनों में करना सुनिश्चित करें। डीसी सोलंकी ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा जिला में विभिन्न विकास कार्यों की घोषणा की गई है। अधिकारी इन घोषणाओं पर अमल करते विकास कार्यों को गुणवत्तापूर्ण निर्धारित अवधि में पूर्ण करवाए। उन्होंने कहा कि जो विकास कार्य पूर्ण हो चुके हैं और जो प्रगति पर है, उनकी रिपोर्ट भी अगले सप्ताह तक उपायुक्त कार्यालय को दे ताकि आगामी आवश्यक कार्यवाही की जा सके।
उन्होंने कहा कि अधूरे पड़े विकास कार्यों को पूरा करने के लिए तेजी लाए। इसके साथ-साथ निर्माण कार्यों में उच्च गुणवत्ता का भी ख्याल रखा जाए। उपायुक्त ने कहा कि आगामी 15 मार्च के आसपास मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. राकेश गुप्ता जिला में अधिकारियों की बैठक ले सकते हैं। वे सीएम विंडो पर प्राप्त शिकायतों तथा सीएम द्वारा जिला में की गई विभिन्न विकास कार्यों की घोषणाओं की समीक्षा भी करेंगे और अधिकारियों से रूबरू होकर संवाद स्थापित भी करेंगे। उन्होंने कहा कि कोताही और ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही भी अमल में लाई जाएगी। इस अवसर पर नगराधीश कम डीआरओ बिजेंद्र भारद्वाज, एसडीएम पूजा चावरियां, डीएफओ नरेश रंगा, एलडीएम सीता राम सोनी, ईओ ओपी सिहाग, उप निदेशक डीआईसी गुरप्रताप सिंह, सहायक जिला बाल कल्याण अधिकारी जगदीश खटाणा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।