स्थानीय पटवार भवन में नगद रहित लेनदेन और ई-बैंकिंग ट्रांजेक्शन के बारे में जिले के पटवारियों को प्रशिक्षण दिया गया। इस कार्यक्रम में फतेहाबाद के उपमंडलाधीश सतबीर सिंह जांगु, जिला राजस्व अधिकारी बिजेंद्र भारद्वाज, नायब तहसीलदार विजय सिंह सहित राजस्व विभाग के अधिकारी, कानूनगों और पटवारी मौजूद थे।
एसडीएम सतबीर जांगु ने कहा कि विमुद्रीकरण के बाद प्रदेश सरकार ने यह निर्णय लिया है कि प्रदेश को कैशलेस की दृष्टि से भारत का अग्रणी राज्य बनाया जाना है। इसलिए सभी यूपीआई, यूएसएसडी और ई-वॉलेट साधनों का इस्तेमाल करें।
उन्होंने कहा कि सरकारी लेनदेन में ई-बैंकिंग के विभिन्न साधनों का इस्तेमाल किया जाए। कैशलेस लेनदेन को प्रोत्साहित करने के लिए प्रति लेनदेन की दर से प्रोत्साहन और सम्मान स्वरूप राशि भी दी जाएगी। जो नागरिक 3 में से किसी एक कैशलेस तरीके में पंजीकृत होते हैं और कम से कम एक लेनदेन की प्रक्रिया को क्रियान्वित करते हैं, तो राज्य सरकार उनके खातों में सराहना के रूप में 5 रुपये की राशि भी जमा कराएगी।
डीआरओ बिजेंद्र भारद्वाज ने कहा कि मेरा मोबाइल, मेरा बैंक, मेरा बटुआ योजना को अपनाकर कैश लैस समाज के लिए सभी का अपेक्षित सहयोग जरूरी है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वे स्वयं इन तरीकों को सीखे और दूसरे लोगों को भी इस बारे जागरूक करें। उन्होंने पटवारियों से आह्वान किया कि वे सीएससी व ग्राम सचिवालयों में लोगों को इस बारे अधिक से अधिक जागरूक करे और उन्हें कैशलेस समाज बनाने में भागीदारी सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि इस अभियान को एक मिशन के रूप में ले और हरियाणा को कैशलेस मोड में स्थापित करें।