शनिवार को जिलेभर के बैंक बंद रहे। लोगों की परेशानी के बावजूद न तो शनिवार को एटीएम खोले गए और न ही रविवार को इसकी कोई संभावना दिख रही है। अवकाश के दिन बैंकों के साथ-साथ एटीएम भी बंद रहे। इसके कारण उपभोक्ताओं को कैश निकालने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा। हैरानी की बात ये रही कि बैंक प्रबंधकों को इस बात का पता था कि बैंकों के बंद रहने की सूरत में शनिवार को एटीएम पर ही सबसे ज्यादा कैश के लिए मारामारी होगी, लेकिन बावजूद इसके अधिकतर बैंकों के तो शनिवार को शटर ही ऊपर नहीं हुए।
फतेहाबाद में शनिवार को महज आईसीआईसीआई और रतिया चुंगी स्थित एटीएम ही थे जो चालू हालात में थे, दोपहर बाद वे भी बंद कर दिए गए। हालांकि नोटबंदी के ऐलान को 46वां दिन बीतने के बाद भी एटीएम अभी तक कैशलेस ही हैं। दूसरी ओर जिले के लीड बैंक मैनेजर सीताराम सोनी जल्द ही व्यवस्था के सुचारू होने की उम्मीद जता रहे हैं।
शहर में दो दर्जन से अधिक एटीएम, सिर्फ एक-दो ही खुले
फतेहाबाद शहर में तकरीबन दो दर्जन के करीब एटीएम हैं, लेकिन सोमवार को इनमें से एक भी एटीएम सारा दिन नहीं खुला। सिर्फ एसबीआई रोड पर आईसीआईसीआई बैंक का एटीएम और रतिया चुंगी पर स्थित एटीएम ही दोपहर तक खुल। दोपहर होने से पहले ही यहां पर भी कैश खत्म हो गया और इस एटीएम का भी शटर डाउन कर दिया गया।
पहले भी अवकाश के दिन बंद कर देते हैं एटीएम
सरकार के ऐलान के बावजूद शनिवार को फतेहाबाद में बैंकों ने एटीएम बंद रखे। जिले के बैंक प्रबंधन पहले भी ऐसा करते आए हैं। अब जब सबसे ज्यादा जरूरत थी, इसके बावजूद भी बैंक प्रबंधकों ने एटीएम को लेकर कोई रियायत उपभोक्ताओं के प्रति नहीं दिखाई। दरअसल फतेहाबाद के अधिकतर एटीएम में सुरक्षा गार्ड की तैनाती नहीं है। ऐसे में रात को 10 बजते ही फतेहाबाद में एटीएम बंद कर दिए जाते हैं। इसके बाद सीधा सुबह छह बजे के करीब ही बैंक एटीएम खोले जाते हैं।
इस बाबत पिछले दिनों अमर उजाला ने एक विशेष खबर प्रकाशित कर जिला प्रशासन को चेताया भी था, लेकिन जिला प्रशासन भी इस संदर्भ में लापरवाह नजर आ रहा है। जिले के आला अधिकारी अपने दफ्तरों में ही बैठकर हालात पर नजर बनाए हैं। दूसरी ओर अवकाश के दिन एटीएम बंद रहने से हजारों उपभोक्ता परेशान रहे।
जल्द मिलेगी निजात
पीछे से कैश की किल्लत के चलते ऐसी परेशानी आ रही है। बहुत जल्दी इस समस्या से लोगों को निजात मिल जाएगी। - सीताराम सोनी, लीड बैंक मैनेजर, फतेहाबाद।