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देर शाम तक लगी रहीं कतारें, नहीं टूट रहा बाजारों का सन्नाटा

Mon, 26 Dec 2016 11:54 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहाबाद
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स्टेट बैंक ऑफ पटियाला के एटीएम के बाहर लगी लाइन । - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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दो दिन के अवकाश के बाद सोमवार को फतेहाबाद के बैंकों में पैसा पहुंचा तो सही लेकिन साथ ही लंबी-लंबी कतारों के चलते दोपहर तक कई बैंकों में पैसा खत्म भी हो गया। स्टेट बैंक, केनरा बैंक, आईसीआईसीआई और पीएनबी में कतारें सबसे बड़ी थी। वजह थी, शनिवार और रविवार को बैंकों में अवकाश का होना। फतेहाबाद के सभी बैंकों की ब्रांचों और एटीएम होने के बावजूद यहां कैश की कमी पूरी नहीं हो रही है। बाजारों में काम ठप पड़ा है। किसी के पास दो हजार का नोट अगर है भी सही तो छुट्टे ना होने के कारण परेशानी है। शहर के मुख्य बाजार थाना रोड पर परचून का काम ना के बराबर चल रहा है। पुराने नोटों के तब्दील ना होने और नए नोटों की कमी से दुकानदार भी दुखी हैं।


उम्मीद है जल्द सबकुछ ठीक हो जाएगा
लीड बैंक के अधिकारी जीएस मल्हौत्रा ने माना है कि सभी बैंकों में कैश की कमी है। करेंसी चेस्ट से जितना पैसा आ रहा है, वो बैंकों में ही जा रहा है। हालांकि कैश काफी कम मात्रा में आ रहा है। कैश की कमी के चलते ही बैंकों में लाइन नहीं टूट रही। मल्होत्रा ने कहा कि पांच सौ रुपये के नए नोट जल्द ही पर्याप्त मात्रा में फतेहाबाद में आ जाएंगे, थोड़े दिन की परेशानी है। उम्मीद है कि जल्द सब कुछ ठीक हो जाएगा।
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बाजार में अभी भी सन्नाटा, ग्राहकों के इंतजार में खाली बैठे रहे दुकानदार
सोमवार को हालांकि बैंकों के खुलने से लोगों के हाथों में पैसे आने शुरु तो हो गए लेकिन इसका असर बाजार पर नहीं दिखा। पिछले दिनों की भांति ही सोमवार को भी बाजार सुनसान ही नजर आए। छोटे दुकानदार हों या बड़े शोरूम संचालक, सभी ग्राहकों का इंतजार ही करते रहे। दुकानदारों की मानें तो जिस प्रकार से नकदी की कमी महसूस ह ो रही है, उससे तो यही लगता है कि बाजार में अभी हफ्ते-डेढ़ हफ्ते तक और मंदे की स्थिति रह सकती है।
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जिले में बंटी 180 करोड़ की नई करेंसी, 14 सौ करोड़ के पुराने नोट जमा
जिले में आरबीआई द्वारा पिछले सप्ताह तक 180 करोड़ की नई करेंसी भेजी जा चुकी है। फतेहाबाद में सभी प्रमुख बैंकों की 180 शाखाएं इस समय काम कर रही है। सभी शाखाओं में लगभग 180 करोड़ की नई करेंसी बांटी जा चुकी है। हालांकि इसमें हैरानी की बात ये है कि जिले में इकलौती शाखा वाले एक निजी बैंक द्वारा भी 30 करोड़ की नई करेंसी बांटे जाने की सूचना है। जबकि नोटबंदी के दौरान एक बार भी इस बैंक के बाहर ना तो कभी लाइन दिखी और बैंक के बराबर में लगे इसके एटीएम के दरवाजे खुले। पता चला है कि उक्त बैंक में लोगों के खातों की संख्या भी काफी कम है। लीड बैंक के आंकड़ों के अनुसार अब तक जिले के सभी बैंकों में लगभग 14 सौ करोड़ के पुराने नोट डिपॉजिट हो चुके हैं।

 
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