प्रदेश सरकार बेनामी संपत्तियों की खरीद-फरोख्त पर सख्त रुख अपनाने का सिलसिला चुपचाप से शुरू कर दिया है। जिले की सभी 258 पंचायतों का लैंड रिकॉर्ड आधार कार्ड से लिंक करने का कार्यक्रम जिले के गांवों में शुरू हो चुका है। ये काम पूरा होते ही जिले के निवासियों के पास कितनी जमीन और प्लॉट हैं, इसका पूरा डाटा जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार के पास आए जाएगा। इस डाटा का इस्तेमाल फर्जी और बेनामी रजिस्टरी को रोकने के लिए किया जाएगा। इसके लिए जिला राजस्व विभाग ने टीमों का गठन करना शुरू कर दिया है जो गांवों में जाकर प्रत्येक घर से उनकी जमीन जायदाद के बारे में जानकारी हासिल करेगी। जिला राजस्व अधिकारी विजेंद्र भारद्वाज ने इसकी पुष्टि की है।
पटवारियों को मिलेगी ट्रेनिंग, सक्षम युवा रोजगार इकट्ठा करेंगे सारा डाटा
जिला राजस्व विभाग से मिली जानकारी के अनुसार गांव के पटवारियों के पास लगभग सारा रिकॉर्ड उपलब्ध होता है। ऐसे में सारा रिकॉर्ड पहले पटवारी के पास लाया जाएगा, इसे वेरिफाई करने के बाद आधार लिंक किया जाएगा। विभाग की योजना डाटा कलेक्शन का काम सक्षम बेरोजगार युवा योजना के तहत कराने की है। इसके लिए सक्षम बेरोजगार युवाओं को रोजगार देकर उनसे प्रत्येक गांव का सर्वे करवाया जाएगा। बेरोजगार सक्षम युवा प्रत्येक घर से उनकी जमीन की जानकारी और आधार नंबर लेंगे। इसके बाद पटवारी इसे वैरीफाई करेंगे और तब जाकर ये रिकार्ड जिला राजस्व विभाग के कंप्यूटर में दर्ज किया जाएगा।
गरीब आदमी को प्रॉपर्टी का मालिक बनाकर टैक्स बचाने का खेल होगा खत्म
इस पूरी कवायद के पीछे सरकार की मंशा बेनामी संपत्तियों को सामने लाने की है। लोगों के खाते पहले ही आधार लिंक हैं और अब प्रॉपर्टी भी आधार लिंक होने के बाद बेनामी संपत्ति का आदान-प्रदान बहुत मुश्किल होगा। क्योंकि इस योजना से फर्जी रजिस्टरी नहीं होंगी। पहले ये होता था कि कुछ पैसों के लालच में गरीब आदमी को प्रॉपर्टी का मालिक बनाकर तहसीलदार के सामने खड़ाकर रजिस्ट्री करा ली जाती थी और इसके बाद गरीब आदमी से पावर ऑफ अटार्नी लेकर असल मालिक प्रॉपर्टी पर अपना कब्जा जमा लेता था। ऐसे में असल मालिक प्रॉपर्टी का मालिक तो बन जाता था लेकिन सरकारी रिकार्ड में प्रॉपर्टी उसके नाम नहीं होती थी और वो टैक्स से भी बच जाता था। सरकार की इस नई पहल से ये धांधली नहीं हो सकेगी।
जिले में 99.7 फीसदी बन चुके हैं आधार कार्ड
फतेहाबाद में इस योजना के सफल होने का सबसे बड़ी वजह यहां पर अधिकतर लोगों के आधार कार्ड बने होना हैं। एनआईसी के आंकड़ों के मुताबिक जिले की जनसंख्या लगभग 9 लाख 99 हजार के करीब है और इसमें से 9 लाख 85 हजार के करीब लोगों के आधार कार्ड बन चुके हैं। ऐसे में यहां पर लैंड रिकॉर्ड को अगर आधार से लिंक कर दिया जाता है तो बेनामी प्रॉपर्टी का झंझट ही खत्म हो सकता है। इसी के चलते सरकार ने इस फैसले को अमल में लाने का काम शुरू कर दिया है।
जिले की पंचायतों के तहत आने वाले सभी लैंड रिकार्ड को आधार लिंक करने की योजना है। इसके लिए पटवारियों को ट्रेनिंग दी जा रही है और इस काम में सक्षम बेरोजगार युवा डाटा एकत्रित करने का काम करेंगे। इससे बेनामी प्रॉपर्टी पर रोक लगने की संभावना है।
विजेंद्र भारद्वाज, जिला राजस्व अधिकारी, फतेहाबाद ।