फतेहाबाद। गांव बीघड़ से शुरू होकर सिरसा जिले के गांव खेड़ी तक जाने वाली नहर के टूटने से किसानों की परेशानियों का सामना करना पड़ा है। खेड़ी नहर गांव किरढ़ान के पास 15 अक्तूबर को टूट गई थी।
इसके बाद प्रशासन ने किसानों की सहायता से नहर के टूटे बांध को ठीक किया। मगर पानी छोड़ने के दूसरे दिन ही बांध फिर से टूट गया। इसके बाद नहर में मात्र 5 दिन ही पानी छोड़ने के बाद बंद कर दिया है। ऐसे में कुछ किसान अपने खेत की बुवाई का काम भी पूरा नहीं कर पाए। वहीं जिन किसानों ने फसलों की बुवाई कर ली है, उनके सामने अब सिंचाई करना चुनौती बन गया है।
बता दें कि खेड़ी नहर से 24 गांवों के खेतों में सिंचाई कार्य होत है। ऐसे में इस बार खेड़ी नहर के साथ लगने वाले गांव चूली, रामसरा, चाहरवाला, कागदाना, दैयड़, खेड़ी, गुसाईंआना, रामपुरिया, खाबड़ा, जोगीवाला, गदली, जांडवाला और कुम्हारिया के किसानों को पानी की कमी झेलनी पड़ी। जिसको लेकर पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति ने नहर में 2 सप्ताह पानी चलाने की मांग को लेकर 7 जनवरी को फतेहाबाद में लघु सचिवालय में डीसी कार्यालय पर धरना देने का निर्णय लिया है। किसानों ने बताया कि नहर बंद होने के कारण गेहूं व सरसों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं।
जब नहर टूटी थी तो उसी दिन मेरी पानी की बारी थी। जिससे में खेत की सिंचाई नहीं कर पाया। ऐसे में अगर दाे सप्ताह तक नहर में पानी छोड़ा जाना चाहिए। ताकि जो किसान गेहूं की बिजाई नहीं कर सकेंगे वे उसे पूरा सके। अगर नहर में पानी नहीं छोड़ जाता है तो किसान आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
-मांगेराम किसान, गांव खेड़ी
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नहर टूटने पर बांध बनाने के दौरान किसानों ने प्रशासन से 15 दिनों तक पानी छोड़ने वादा किया था। लेकिन नहर को दो दिन बाद ही बंद कर दिया। जिससे फसलों की बिजाई और सिंचाई का काम नहीं कर पाया हूं। इसकी भरपाई के लिए अगले 15 दिनों तक नहर में पानी छोड़ा जाएं। ताकि वे फसलाें की बिजाई कर सके।
-सतीश किसान, गांव चूली।
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भूमिगत पानी खारा होने के कारण कृषि नहरी पानी पर निर्भर है। पिछले 15 दिनों से नहर बंद होने के कारण पानी नहीं पहुंच पाया है। जिस कारण फसलों की बिजाई नहीं हो सकी है। प्रशासन अगले 15 दिनों तक पानी की सप्लाई दे तो वे बुवाई कर सके। अगर पानी नहीं छोड़ा जाता है तो 7 जनवरी को लघु सचिवालय के बाहर धरने पर बैठेंगे।
मुकेश कुमार, किसान गांव चाहरवाला।
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चार एकड़ में गेहूं की बिजाई की हुई है, जिसमें सिंचाई की आवश्यकता है। नहर में पानी बंद होने से सिंचाई कार्य पूर्ण नहीं कर पाया हूं। ऐसे में फसल खराब हो रही है। प्रशासन को जल्द से जल्द समस्या का हल करना चाहिए। अगर कोई हल नहीं होता है तो किसान 7 जनवरी को डीसी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठेंगे।
-सुरेंद्र किसान, गांव जोगीवाला।