फतेहाबाद। जिले में किसान पारंपरिक खेती के साथ बागवानी को भी आय का बेहतर साधन मान रहे हैं। किसानों की बढ़ती रुचि को देखते हुए बागवानी विभाग ने इस वित्त वर्ष में 207 हेक्टेयर क्षेत्र में फलदार बाग लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
जिला उद्यान अधिकारी डॉ. राजेश स्वामी ने बताया कि जिले की जलवायु, मिट्टी और पानी की गुणवत्ता कई फल फसलों की खेती के अनुकूल है। किसानों को नए बाग लगाने के लिए विभाग की ओर से प्रोत्साहन और अनुदान दिया जा रहा है। सरकार की योजना के तहत किसानों को बागवानी अपनाने पर दो वर्षों में प्रति एकड़ अधिकतम 42 हजार रुपये तक का अनुदान मिलेगा।
यह सहायता फलदार पौधों के नए बाग लगाने के लिए दी जा रही है। इससे किसानों को बागवानी क्षेत्र में निवेश के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। प्रदेश सरकार बागवानी को बढ़ावा देकर किसानों की आमदनी बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने का प्रयास कर रही है। विभाग ने किसानों से उपलब्ध योजनाओं का लाभ उठाने और नए फलदार बाग लगाने की अपील की है।
इस प्रकार मिलेगा लाभ
विभाग के अनुसार जिले में जलवायु एवं मिट्टी के अनुसार अमरूद, नींबू, संतरा और अनार के बाग लगाने को लेकर किसानों का रुझान है। 207 हेक्टेयर के निर्धारित लक्ष्य में 70 हेक्टेयर में अमरूद के बाग लगाने का लक्ष्य रखा गया है। 50 हेक्टेयर में नींबू-संतरा के बाग लगाने तथा 2 हेक्टेयर क्षेत्र में अनार के बाग लगाने का लक्ष्य रखा गया है। आड़ू, नाशपाती, आलूबुखारा और अंजीर जैसी अन्य फल फसलों के लिए 25 हेक्टेयर का लक्ष्य। इसी तरह पपीता, चीकू, बेर और आंवला आदि सामान्य फल फसलों के लिए 35 हेक्टेयर का लक्ष्य और नए बाग 122 हेक्टेयर का लक्ष्य रखा गया है।
मेरी फसल मेरा ब्योरा पर पंजीकरण जरूरी
डॉ. राजेश स्वामी ने बताया कि सरकारी अनुदान का लाभ लेने के इच्छुक किसानों के लिए मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण और सिंचाई के ड्रिप लगाना अनिवार्य है। इसके बाद किसानों को सरकार द्वारा अनुमोदित नर्सरियों से पौधे खरीदकर विभाग की निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार खेतों में रोपाई करनी होगी। निर्धारित नियमों के अनुसार बाग लगाने के बाद ही किसान अनुदान के पात्र होंगे। उन्होंने बताया कि उद्यान विभाग के अधिकारी और कर्मचारी समय-समय पर किसानों के खेतों का दौरा कर पौधों की देखभाल, रोग नियंत्रण और आधुनिक बागवानी तकनीकों के संबंध में मार्गदर्शन देंगे।