फतेहाबाद। खरीफ फसलों की बिजाई के अहम दौर में फतेहाबाद डिस्ट्रीब्यूटरी नहर में पानी की अनियमित आपूर्ति ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। नाराज किसानों ने प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि है कि तय समय में नहर में पूरा पानी नहीं पहुंचा तो सिंचाई विभाग के कार्यालयों के बाहर धरना शुरू कर दिया जाएगा। भूथन कलां और भिरड़ाना गांव के किसानों का प्रतिनिधिमंडल वीरवार को अतिरिक्त उपायुक्त से मिला और अपनी समस्या से अवगत कराते हुए ज्ञापन सौंपा। किसानों ने आरोप लगाया कि टोहाना हेड पर तैनात अधिकारियों की मनमानी के चलते नहर में तय शेड्यूल के अनुसार पानी नहीं छोड़ा जा रहा है जिससे खेती कार्य प्रभावित हो रहा है।
किसान सभा के तहसील सचिव ओम प्रकाश फगेडि़या ने बताया कि पिछले करीब डेढ़ महीने से टोहाना हेड से फतेहाबाद डिस्ट्रीब्यूटरी में पानी नियमित रूप से नहीं मिल रहा। वर्तमान शेड्यूल के अनुसार 6 जून से नहर में पानी चलना था लेकिन 9 जून की रात को अचानक आपूर्ति बंद कर दी गई। उनका कहना है कि पिछले कई सप्ताह से यही स्थिति बनी हुई है।
प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने रोष जताते हुए कहा कि पिछले 5-6 हफ्तों से लगातार पानी की बारियों के दौरान ऐसा ही किया जा रहा है। विशेष रूप से बुधवार, वीरवार और शुक्रवार की बारियों में पानी अक्सर बीच रास्ते ही रोक दिया जाता है। इससे नरमा, कपास और धान जैसी खरीफ फसलों की बिजाई तथा शुरुआती सिंचाई प्रभावित हो रही है।
फसलों की बिजाई और अंकुरण के लिए सिंचाई के पानी की बेहद सख्त जरूरत है लेकिन शेड्यूल ओपन होने के बावजूद उनको पानी से वंचित रखा जा रहा है। किसानों ने जिला प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप कर नहर में शेड्यूल अनुसार पानी उपलब्ध करवाने की मांग की है ताकि खेतों में फसलों की सिंचाई सुनिश्चित हो सके।
एक्सईएन के टालमटोल वाले रवैये पर भड़के किसान, भ्रष्टाचार के लगाए आरोप
ज्ञापन सौंपने के दौरान जब किसान सिंचाई विभाग के एसई से मिले तो उन्होंने मौके पर ही टोहाना हेड के एक्सईएन श्याम धींगड़ा को फोन मिलाकर स्थिति स्पष्ट करने को कहा। किसानों का आरोप है कि बातचीत के दौरान एक्सईएन श्याम लगातार टालमटोल करते नजर आए। उन्होंने कभी बहाना बनाया कि नहर में पेड़ टूटकर गिर गए थे तो कभी कहा कि चंद्रावल माइनर का काम चलने की वजह से फतेहाबाद डिस्ट्रीब्यूटरी को बंद करना पड़ा। किसान सभा के नेताओं ने कहा कि वे कुछ महीने पहले भी इस समस्या के बारे में डीसी से मिले थे।
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24 घंटे का अल्टीमेटम : सफाई और पेट्रोलिंग बढ़ाने की भी उठी मांग
किसान सभा ने एसई और एक्सईएन सिंचाई विभाग को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 24 घंटे के भीतर नहर में पूरा पानी बहाल नहीं किया गया और पिछले 5-6 हफ्तों में हुए नुकसान की भरपाई के लिए आने वाले दिनों में अतिरिक्त पानी नहीं छोड़ा गया तो वे दफ्तर का घेराव कर वहीं धरना लगा देंगे। प्रतिनिधिमंडल में महावीर ढाका, आत्माराम कुलडि़या, सतपाल ढाका, ठाकुर सिंह मिठरवाल, सुभाष ताखर, रवि सहारण भिरड़ाना और ओम प्रकाश कुलडि़या सहित अनेक किसान शामिल रहे।