लघु सचिवालय के बाहर किसानों से बात करते हुए तहसीलदार व कृषि विभाग के अधिकारी। संवाद
फतेहाबाद। फसल बीमा क्लेम नहीं मिलने से गांव दैयड़ में पिछले पांच दिनों से धरने पर बैठे किसानों ने सोमवार को अनोखे अंदाज में विरोध जताया। गांव दैयड़ के किसान अर्धनग्न अवस्था में सुबह 5 बजे गांव से पैदल रवाना हुए और करीब 11 बजे लघु सचिवालय पहुंचे। किसानों को अंदर जाने से रोकने के लिए पुलिस ने मुख्य गेट बंद कर दिए।
इस दौरान किसानों ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपने की बात कही। जब तहसीलदार ज्ञापन लेने के लिए तो किसानों ने इन्कार कर दिया। किसानों का कहना है कि उनका साल 2023, 2024 व 2025 का बीमा अभी तक नहीं मिला है। लंबा समय बीत जाने के बावजूद क्लेम राशि उनके खातों में नहीं पहुंची। इससे आर्थिक परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं। वहीं कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि किसानों का साल 2023 व 2024 का बीमा क्लेम रुका हुआ है। वो भी जल्द उनके खातों में पहुंच जाएगा।
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पुलिस ने किसानों के आते ही बंद किए मुख्य दोनों गेट
गांव दैयड़ से पैदल अर्धनग्न पहुंचे किसानों ने लघु सचिवालय के नजदीक आते ही सरकार व जिला प्रशासन के अधिकारियों और बीमा कंपनी के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों को परिसर में प्रवेश से रोकने के लिए लघु सचिवालय के मुख्य गेट बंद कर दिए गए। इसके बाद तेज धूप में गेट के बाहर ही धरने पर बैठ गए। इस दौरान तहसीलदार किसानों के बीच पहुंचे लेकिन किसानों की ओर से तहसीलदार को ज्ञापन देने से मना कर दिया। किसानों ने स्पष्ट कहा कि वे उपायुक्त या अतिरिक्त उपायुक्त को ही ज्ञापन देंगे। तहसीलदार ने कृषि अधिकारियों की मौजूदगी में किसानों को कई बार समझाने का प्रयास किया लेकिन किसानों ने ज्ञापन नहीं दिया। आखिरकार एक घंटे बाद सीटीएम गौरव गुप्ता ज्ञापन लेने पहुंचे।
डीडीए और एएसओ पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
किसान भरत सिंह, महेंद्र, सुनील, कालूराम, कमल कस्वां सहित काफी संख्या में किसान अर्धनग्न होकर पहुंचे। इस दौरान किसानों ने आरोप लगाते हुए बताया कि बीमा कंपनी से सांठगांठ करके कृषि विभाग के अधिकारी किसानों को बीमा नहीं देने दे रहे हैं। किसानों का जहां पर खराबा 75 प्रतिशत था, वहां 30 प्रतिशत या उससे कम दिखा गया है। किसानों ने बताया कि बीमा क्लेम न मिलने को लेकर वह करीब साढ़े चार माह से अधिकारियों से मिल रहे हैं लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है। किसानों ने कृषि विभाग के डीडीए की उच्च स्तरीय जांच करवाने की मांग की है।