भट्टूकलां। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर शनिवार को भट्टूमंडी में किसानों ने प्रदर्शन किया। बस अड्डे के पास एकत्र किसानों ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की तस्वीर जलाकर विरोध जताया।
प्रदर्शन की अध्यक्षता किसान नेता सुभाष भादू ने की। मंच संचालन मास्टर हनुमान ने किया। मुख्य वक्ता विष्णुदत्त ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने मतदाता सूची में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।
किसान नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने और कानूनी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने 2023 के कानून में चयन समिति की व्यवस्था पर भी आपत्ति जताई। किसान नेताओं ने मांग की कि समिति में प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और सीजेआई को शामिल करने की व्यवस्था फिर लागू की जाए।
प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग के भीतर दर्ज आपत्तियों का भी हवाला दिया। हालिया रिपोर्ट के अनुसार दो चुनाव आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार मतदाता पंजीकरण, नाम हटाने और मतदाता डाटा प्रबंधन से जुड़े फैसलों पर आपत्तियां दर्ज की थीं। चुनाव आयोग ने कहा है कि एसआईआर से जुड़े अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए।
किसान नेताओं ने नागरिकों, युवाओं और ग्रामीण मजदूरों से लोकतांत्रिक प्रक्रिया की रक्षा के लिए एकजुट होने की अपील की। इस अवसर पर किशोरी लाल, रोहतास डूडी, अजय सिंह माचरा, मुनीष कुमार, मनदीप पंच, राकेश कुमार, सावन, सागर, राय साहब, विकेश, रोशन और गोविंदा सहित अन्य किसान मौजूद रहे।