फतेहाबाद। संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर अखिल भारतीय किसान सभा जिला कमेटी फतेहाबाद ने जिला प्रधान विष्णुदत्त शर्मा के नेतृत्व में प्रदर्शन करते हुए विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया के अनाज मण्डी स्थित कार्यालय पर दस्तक दी। किसान सभा के प्रतिनिधियों ने केंद्र व राज्य सरकार की किसान व मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ कड़ा रोष प्रकट किया और विधायक प्रतिनिधि पवन को प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री के नाम मांग-पत्र सौंपा। साथ ही चेतावनी दी कि यदि मांगों को नहीं माना गया तो 26 नवंबर को ऐतिहासिक किसान आंदोलन की छठी वर्षगांठ पर फिर से देशव्यापी संघर्ष शुरू करने को मजबूर होगा।
मांग-पत्र सौंपने के दौरान किसान सभा के जिला प्रधान विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि 385 दिनों तक चले ऐतिहासिक किसान आंदोलन और 736 शहीदों के बलिदान के बाद 9 दिसंबर 2021 को केंद्र सरकार ने एमएसपी की कानूनी गारंटी, कर्जमाफी, बिजली के निजीकरण को रोकने और मुकदमे वापस लेने का लिखित आश्वासन दिया था।
लेकिन पांच वर्ष बीत जाने के बाद भी एनडीए नीत मोदी सरकार ने इनमें से एक भी वादा पूरा नहीं किया, जिससे पूरे देश के किसान-मजदूर वर्ग में भारी आक्रोश है। किसान नेताओं ने ज्ञापन में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार की नीतियों के कारण कृषि क्षेत्र गहरे आर्थिक संकट में डूब गया है। सी2+50 प्रतिशत स्वामीनाथन फार्मूले की अनदेखी के कारण अकेले धान किसानों को प्रति एकड़ 30,013 रुपये प्रति सीजन का भारी नुकसान हो रहा है।
इसके साथ ही एफसीआई के साइलो में अडानी और लीप इंडिया के एकाधिकार, यूएस-इंडिया फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, चार लेबर कोड और बिजली संशोधन विधेयक के माध्यम से कृषि और सार्वजनिक संसाधनों को कॉरपोरेट घरानों के हवाले करने का प्रयास किया जा रहा है। इस अवसर पर जिला प्रधान विष्णुदत्त शर्मा के साथ अजय सिंह माचरा, मनीष सिवाच, सुभाष भादू, राम सिंह, कंवर सिंह, हनुमान सिंह, रोहताश डूडी आदि मौजूद रहे।