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बैरिकेड हटाकर आगे बढ़े किसान, नहर के पास रोककर किए गिरफ्तार

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टोहाना से जजपा विधायक देवेंद्र बबली के साथ विवाद के बाद किसानों ने अपना शक्ति प्रदर्शन किया। हालांकि शाम तक किसान नेता दो धड़ों में बंट गए। भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी द्वारा प्रशासन को 6 जून की शाम तक का अल्टीमेटम देने के बाद किसान नेता दो धड़ों में बंट गए। एक धड़े में शामिल किसान नेताओं ने विधायक आवास के घेराव का एलान कर दिया। इसके बाद काफी संख्या में काफी विधायक बबली के गांव बिढाईखेड़ा स्थित आवास की ओर कूच कर गए।
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एकदम विधायक आवास के घेराव का एलान करने से प्रशासन की मुश्किलें बढ़ गईं। आनन-फानन में वाटर कैनन की गाड़ियां गांव भेजी गईं। प्रशासन की टीम से पहले पहुंचकर किसानों ने विधायक के गांव की ओर जाने वाले रास्ते पर बैरिकेड उठाकर फेंक दिए और आगे बढ़ गए। मगर पुलिस प्रशासन ने किसानों को विधायक के घर से 200 मीटर पहले नहर के पास रोक लिया। पुलिस ने रोका तो किसान वहीं बैठकर नारेबाजी करने लगे। किसानों ने कहा कि वह या तो विधायक का घर घेरेंगे या फिर गिरफ्तारियां देंगे। इसके बाद करीब 27 किसानों ने गिरफ्तारियां दी। जिन्हें पुलिस की वैन में बिठाकर फतेहाबाद ले जाया गया।
दूसरा धड़ा बोला, विवाद प्रशासन से नहीं विधायक से है
हिसार जिले के गांव सीसर से आए किसान नेता विकास सीसर ने कहा कि किसानों का विवाद प्रशासन से नहीं बल्कि विधायक देवेंद्र बबली से है। इसलिए उनके घर जाकर ही प्रदर्शन किया जाए। उन्होंने कहा कि कुछ नेता यहां अपनी राजनीति करने के लिए आए हैं, लेकिन वे किसान के हित की बात नहीं करेंगे। बार-बार प्रदर्शन के लिए आना मुश्किल हो जाता है, इसलिए आज ही विरोध करने के लिए विधायक के घर की ओर चलेंगे। इसके बाद ही काफी किसान विधायक के गांव बिढाईखेड़ा स्थित आवास की ओर बढ़े। जब पुलिस ने नहर से आगे नहीं जाने दिया तो किसान नेताओं ने गिरफ्तारियां दे दीं।
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किसान नेता वैन में चढ़े तो अन्य किसान निकल लिए
विधायक आवास की ओर जाने वाले किसानों की संख्या 100-150 से भी अधिक थी। मगर जैसे ही किसान नेताओं ने गिरफ्तारियां दी और उन्हें वैन में चढ़ाया गया तो अन्य किसान वहां से निकल लिए। काफी किसान इधर-उधर के रास्तों से अपने घरों की ओर लौट गए।
चढूनी की ओर से ये किए गए बड़े एलान
संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम देते हुए चढूनी ने कहा कि अगर विधायक देवेंद्र बबली 6 जून की शाम तक माफी नहीं मांगते या पुलिस उनके खिलाफ धारा 307 सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज नहीं करती तो 7 जून को मोर्चा के नेतृत्व में किसान हरियाणा के सभी थानों का दो घंटे घेराव करेंगे। फिर भी कार्रवाई नहीं हुई तो 11 और 12 जून को किसान देवेंद्र सिंह बबली की टोहाना के हर गांव में शव यात्रा निकालेंगे। इसके बाद भी हल नहीं निकला तो आगामी रणनीति की उस समय घोषणा कर दी जाएगी। चढूनी ने पंचायतों से भी आग्रह किया कि अगर प्रशासन 12 जून तक किसानों की बात नहीं माने तो विधायक देवेंद्र बबली का सामाजिक बहिष्कार किया जाए।
पांच जिलों से पुलिस की 10 टुकड़ियां पहुंचीं टोहाना
विधायक व किसानों के बीच टकराव को देखते हुए पांच जिलों से पुलिस की 10 टुकड़ियां टोहाना पहुंचीं। टोहाना के लघु सचिवालय में करीब 600 पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। इस दौरान जींद, फतेहाबाद, सिरसा, हिसार, हांसी से पुलिसकर्मी बुलाए गए। फतेहाबाद जिला पुलिस कप्तान राजेश कुमार के नेतृत्व में छह डीएसपी अलग-अलग मोर्चों पर तैनात रहे। विधायक के कार्यालय, आवास के बाहर भी पुलिसकर्मी तैनात रहे।
युवती मनीषा बिश्नोई ने लगाए धक्के मारने के आरोप
किसानों के प्रदर्शन में शामिल हुई युवती मनीषा बिश्नोई ने पुलिसकर्मियों पर धक्के मारने के आरोप लगाए। मनीषा ने कहा कि उन्हें पुरुष पुलिसकर्मियों ने खींचकर व धक्का मारकर वैन में चढ़ाया है। नियमानुसार महिला को महिला पुलिसकर्मी ही गिरफ्तार कर सकती है।
डीसी-एसपी पहुंचे बबली के घर
एसडीएम गौरव अंतिल व डीएसपी बिरम सिंह किसानों को नहर के पास ही रोके रहे। वहीं, डीसी डॉ. नरहरि सिंह बांगड़ व एसपी राजेश कुमार विधायक देवेंद्र बबली के घर पहुंच गए। किसानों द्वारा गिरफ्तारी देने के बाद डीएसपी व एसडीएम भी विधायक के घर पहुंचे। दिनभर के घटनाक्रम को लेकर अधिकारियों ने विधायक के साथ चर्चा की।
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