फतेहाबाद की अनाज मंडी में सुखाने के लिए बिछाई गई सरसों की फसल।
फतेहाबाद। सरसों की कटाई के बाद किसान अब अनाज मंडी में अपनी फसल को लाने लगे हैं, लेकिन निजी तौर पर किसानों की सरसों की खरीद की जा रही है, हालांकि हैफेड ने 15 मार्च से सरसों की खरीद आरंभ कर दी है, लेकिन नमी अधिक होने की बात कहकर एमएसपी रेट पर सरसों की सरकारी खरीद कम हो रही है, वहीं प्राइवेट खरीद अधिक हो रही है। यही कारण है कि किसानों को अनाज मंडी में अपनी सरसों को औने-पौने दामों में बेचना पड़ रहा है। हैफेड ने 15 मार्च से अनाज मंडी में सरसों की खरीद आरंभ की थी। फतेहाबाद अनाज मंडी को इस बार ही सरकार ने सरसों की खरीद के लिए अधिकृत किया है और सरसों की फसल 15 मार्च से ही अनाज मंडी में आने लगी है। पहले दिन नमी अधिक होने के कारण सरसों की सरकारी खरीद नहीं हो पाई और किसानों को मजबूरन अपनी सरसों की फसल निजी हाथों में 4200 से 4800 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बेचनी पड़ी थी।
मार्केट कमेटी के रिकाॅर्ड के अनुसार तीन दिनों में फतेहाबाद की अनाज मंडी में 1308 क्विंटल सरसों की फसल आ चुकी है। इसमें मात्र 424 क्विंटल सरसों की फसल की ही हैफेड ने खरीद की है। 884 क्विंटल सरसों की फसल निजी हाथों में बिकी है और किसानों को 4200 से 5050 रुपये तक बेचना पड़ा है।
मंडी में नमी को लेकर सरसों की फसल को हैफेड द्वारा कम खरीदा जा रहा है। हैफेड आठ फीसदी नमी वाली सरसों की ही खरीद कर रही है, लेकिन मंडी में इससे अधिक नमी की सरसों की फसल अधिक आ रही है। निजी तौर पर सरसों की फसल खरीदी जा रही है।
जगदीश भादू, प्रधान आढ़ती एसोसिएशन, फतेहाबाद।
..................अनाज मंडी में जो भी किसान आ रहे हैं, उनको गेट पास दिया जा रहा है। किसान अपनी सरसों की फसल को पूरी तरह से सूखाकर लाएं, ताकि उनकी फसल को एमएसपी पर खरीदा जा सके। अधिक नमी की फसल होने के कारण ही फसल के दाम कम मिल रहे हैं।
विकास सेतिया, सचिव, मार्केट कमेटी, फतेहाबाद।