पराली प्रबंधन को लेकर जागरूक करतते कृषि विभाग के अधिकारी। स्रोत : सूचना विभाग
फतेहाबाद। खंड कृषि अधिकारी डॉ. जय कुमार भोरिया एवं कृषि विकास अधिकारी डॉ. अंकित ढिल्लों ने विभिन्न गांवों का दौरा कर किसानों को पराली न जलाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही फसल अवशेष प्रबंधन की वैज्ञानिक विधियां अपनाने के प्रति जागरूक किया गया।
ग्राम बीघड़, मताना, सलाम खेड़ा आदि गांवों में अधिकारियों ने किसानों को बताया कि पराली जलाने से मिट्टी की उर्वरता घटती है, पर्यावरण प्रदूषण बढ़ता है और मानव स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने बताया कि पराली का वैज्ञानिक प्रबंधन करने वाले किसानों को 1200 रुपए प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी। साथ ही, पराली जलाने पर एफआईआर दर्ज, सरकारी फसल खरीद पर दो वर्ष तक रोक तथा 30000 रुपए तक का जुर्माना लगाए जाने के प्रावधानों की जानकारी भी दी गई।