जाखल। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार दोपहर को बाढ़ आशंकित क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान सीएम चांदपुरा साइफन पर भी पहुंचे और अधिकारियों से इस संबंध में पूरी रिपोर्ट ली। मुख्यमंत्री के आने की सूचना पर काफी संख्या में किसान पहुंचे।
सीएम ने कहा कि बहुत ज्यादा बारिश आती है, तो व्यवस्था अव्यवस्था में बदल जाती है। किसानों ने मुख्यमंत्री के सामने कई प्रकार की समस्या रखी, जिसमें उन्होंने तुरंत अधिकारियों को हल करने के निर्देश भी जारी किए।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा की जो प्राकृतिक आपदा आई है, जहां लोग प्रभावित हुए हैं, वहां वो जा रहे हैं। भारी बारिश हुई है, बाढ़ भी आई है, सरकार पूरी तरह से अलर्ट है।
सीएम ने कहा कि प्रशासन राहत कार्य में जुटा हुआ है। जहां-जहां दिक्कतें आई है समाधान निकालेंगे ताकि भविष्य दिक्कत न आए। इस अवसर पर उनके साथ पूर्व मंत्री देवेन्द्र सिंह बबली, पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल, पूर्व विधायक दुड़ाराम, प्रदेश महामंत्री सुरेन्द्र पूनिया, उपायुक्त मनदीप कौर, पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन, एसडीएम आकाश शर्मा, एसई राजेश कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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भाखड़ा पर पुल बनाने की मांग
चांदपुरा साइफन पर पहुंचे मुख्यमंत्री से भाखड़ा नहर के दूसरी तरफ खड़े किसानों से जब उनकी समस्या जाननी चाही तो उन्होंने दूर से ही मुख्यमंत्री को भाखड़ा नहर पर कोई पुल न होने की मांग उठाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समस्या के बारे में अधिकारियों से जल्द ही जानकारी ली जाएगी। चांदपुरा साइफन के ऊपर से भाखड़ा निकलती है। साइफन के दूसरी तरफ आने-जाने के लिए कोई रास्ता न होने के चलते सीएम से पुल की मांग की गई है। किसानों ने बताया की दूसरी तरफ जाने के लिए करीब डेढ़ किलोमीटर का रास्ता तय कर दूसरी तरफ जाना पड़ता है।
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जाखल नगर पालिका अध्यक्ष ने भी दिया मांगपत्र
नगर पालिका अध्यक्ष विकास कामरा ने मुख्यमंत्री नायब सैनी को जाखल शहर की कुछ समस्या के बारे में मांगपत्र सौंपा। मांगपत्र में अध्यक्ष ने शहर में बारिश के दौरान खराब हुए मकानों को जल्द मुआवजा दिलाने, शहर में अलग से 132 केवी का नया फीडर लगवाने, शहर में गंदे पानी की निकासी के लिए पाइप बढ़ाने के साथ अन्य कई मांग रखीं।
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बढ़ रहा नदी का जलस्तर
इधर, नदी के बढ़ते जलस्तर का क्रम रविवार को भी जारी है। चांदपुरा साइफन हेड पर 24 घंटे में जलस्तर 15400 तक पहुंच गया है जबकि शनिवार को 15160 क्यूसेक था। हेड पर बढ़ते जलस्तर के कारण स्थानीय लोगों की चिंता भी बढ़ती जा रही है।