कृषि कानूनों के समर्थन और एसवाईएल के पानी की मांग को लेकर पपीहा पार्क के सामने उपवास पर बैठे भाजपा कार्यकर्ताओं को किसानों का जबरदस्त आक्रोश झेलना पड़ा। मात्र एक घंटे में ही पुलिस के लगाए बैरिकेड हटाकर किसानों ने उपवास स्थल पर कब्जा कर लिया और टेंट उखाड़कर भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच बैठकर ही सरकार विरोधी नारे लगाने शुरू कर दिए। पीछे पीछे दौड़े पुलिसकर्मियों ने किसानों को वहां से हटाने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं मानें। डीएसपी दलजीत बैनीवाल ने किसानों को गिरफ्तारियां देने के लिए भी कहा लेकिन किसानों ने स्पष्ट कह दिया कि वह गिरफ्तारी नहीं देंगे पुलिस चाहे तो गिरफ्तार कर लें। जब डीएसपी व पुलिसकर्मियों से स्थिति नहीं संभली तो आखिरकार एसपी राजेश कुमार को मौके पर आना पड़ा। उन्होंने भी किसानों को समझाने का प्रयास किया लेकिन उनकी एक नहीं चली। बाद में उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं को ही उपवास छोड़ने का सुझाव दिया। जब भाजपाई उपवास स्थल छोड़कर जाने लगे तो किसान काले झंडे लेकर उनके पीछे चल पड़े। इसी बीच पीछे से किसी ने जिलाध्यक्ष की पगड़ी खिंच ली जिससे उछल कर गिर गई। बड़ी मुश्किल से किसानों के बीच से भाजपा जिलाध्यक्ष को एसपी राजेश कुमार निकालकर लाए और उन्हें पुलिस की गाड़ी में बिठाकर वहां से रवाना किया। इस दौरान एसपी को भी खूब धक्कामुक्की झेलनी पड़ी।
सुबह सवा 10 बजे ही पहुंच गए किसान
दरअसल, भाजपा जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं द्वारा सुबह 10 बजे उपवास शुरू करने का एलान किया था। किसान सवा 10 बजे ही मॉडल टाउन की तरफ लगे बैरिकेड के पास जुटने शुरू हो गए। किसानों ने भाजपा के उपवास कार्यक्रम को नौटंकी बताते हुए उन्हें पहले वहां से जाने के लिए एक घंटे का समय दिया। इसी बीच 11 बजकर 5 मिनट पर ही युवा किसान बैरिकेड तोड़कर उपवास पर बैठे भाजपाइयों के बीच पहुंच गए। वहां पहुंचते उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी और उपवास पर बैठे कार्यकर्ताओं को खरी खोटी सुनानी शुरू कर दी। जिलाध्यक्ष बलदेव ग्रोहा, महिला जिलाध्यक्ष राखी मक्कड़, नगर परिषद प्रधान दर्शन नागपाल, शम्मी धींगड़ा, कंवल चौधरी सहित 50-60 कार्यकर्ताओं को किसानों ने चारों तरफ से घेर लिया और काले झंडे दिखाने लगे।
लोकतांत्रिक तरीके से किए जा रहे उपवास में विघ्न डालना गलत है। सरकार व भाजपा दोनों जिले में भाईचारा व शांति कायम रखना चाहते हैं। उपवास का स्थान जिला कार्यालय में इसलिए बदला क्योंकि पुलिस प्रशासन ने आग्रह किया था ताकि स्थिति न बिगड़े। लोकतंत्र में उपवास करना हर किसी का अधिकार है। -बलदेव सिंह ग्रोहा, जिलाध्यक्ष, भाजपा।