किसान संगठनों के आह्वान पर संयुक्त किसान मोर्चा, उनका समर्थन कर रहे विभिन्न संगठनों और संस्थाओं ने सोमवार को भाजपा विधायक लक्ष्मण नापा के कार्यालय के बाहर धरना दिया। उन्होंने विधायक से तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की।
किसान संयुक्त मोर्चा व विभिन्न संगठनों के सैकड़ों लोगों ने सोमवार सुबह अनाज मंडी में एकत्रित होने के बाद वहां से जुलूस के रूप में बुढ़लाडा रोड स्थित विधायक के कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया। किसान संगठन के नेताओं ने केंद्र सरकार व प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने कानून बनाकर कुछ बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने की कोशिश की है, इसलिए सरकार को किसानों के हितों का ध्यान रखते हुए तुरंत नए कृषि कानूनों को रद्द करना चाहिए। किसान नेताओं ने कहा अगर केंद्र सरकार इन कानूनों को वापस नहीं लेती तो दिल्ली में चल रहे आंदोलन को और तेज किया जाएगा। किसान संगठनों की टीमें गांव-गांव जाकर किसानों को आंदोलन में भाग लेने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
किसानों ने विधायक से कहा कि सरकार तुरंत कृषि कानूनों को रद्द करे, अन्यथा विधायक इस्तीफा देकर किसानों के आंदोलन में किसानों का साथ दें। मौके पर कुछ किसानों ने जब विधायक से इस्तीफा देने का सवाल किया तो विधायक ने कहा कि मेरे इस्तीफे से कुछ नहीं होगा। यह कानून संसद ने बनाया है और वह तो विधानसभा के सदस्य हैं, लेकिन वे किसानों की बात मुख्यमंत्री व अन्य वरिष्ठ भाजपा नेताओं तक पहुंचा देंगे।
किसान संगठनों द्वारा रतिया विधायक के घेराव की घोषणा के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा, क्योंकि फतेहाबाद में भाजपा जिला प्रधान के साथ हुई घटनाक्रम के चलते प्रशासन किसी तरह की कोताही बरतने के मूड में नहीं था। सोमवार सुबह ही रतिया विधायक के कार्यालय के आगे पुलिस बल तैनात हो गया। खुद एसडीएम सुरेंद्र बेनीवाल, तहसीलदार विजय मोहन सियाल पुलिस बल के साथ उनके कार्यालय में आकर बैठ गए। किसान संगठनों की पल-पल की अपडेट लेते रहे।
इस मौके पर रामचंद्र सहनाल, तेजेंद्र थिंद, टेकसिंह चहल, हरबंस खन्ना, व्यापार मंडल अध्यक्ष अमन जैन, रमेश गर्ग, हरचरण धालीवाल, जागीर सिंह, सीटू के जिला प्रधान मदन सिंह, जग्गू मिस्त्री, मुख्त्यार सिंह, करतार सिंह, सज्जन सिंह, कश्मीर सिंह, होशियार सिंह, दीपी गर्ग, नाजर सिंह, प्यारा लाल, हरकिशन सिंह, बूटा सिंह, हरपाल सिंह सहित विभिन्न संगठनों के लोग मौजूद थे।
रविवार शाम को सिरसा रोड स्थित नई अनाज मंडी में आकर रुके पंजाब व डबवाली क्षेत्र के ढाई हजार से अधिक किसान सोमवार सुबह दिल्ली बॉर्डर के लिए रवाना हो गए। इन किसानों के लिए स्थानीय सेवादारों ने नाश्ते व नहाने-धोने का प्रबंध किया। कुछ स्थानीय किसान भी उनके जत्थे में शामिल होकर दिल्ली बॉर्डर गए।