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Fatehabad News: पराली में आग लगाने पर प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड की टीम मौके पर पहुंची, किसानों ने घेरा

Mon, 11 Nov 2024 02:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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रतिया में मौके पर पहुंचे अधिकारियों का घेराव कर सवाल जवाब करते किसान संगठनों के प्रतिनिधि। 
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रतिया। क्षेत्र के लाली रोड पर एक किसान की ओर से पराली में आग लगाने की लोकेशन दर्ज होने पर खेत में मौके पर पहुंची प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड की टीम का किसान संगठनों ने घेराव कर लिया। संगठनों के प्रतिनिधियों ने किसान के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची टीम को खरी-खोटी सुनाई।
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उन्होंने कहा कि मजबूरी में आग लगानी पड़ रही है, उनके पास कोई विकल्प नहीं है। संगठनों ने चेतावनी दी कि अगर किसी भी किसान के खिलाफ मामला, लाल एंट्री और जुर्माना लगाया गया तो किसान संगठन एकजुट होकर इसका जोरदार विरोध करेंगे। वहीं जरूरत पड़ने पर आंदोलन भी किया जाएगा। घेराव की सूचना मिलने पर कृषि विभाग के सुपरवाइजर जसमीत सिंह, शहर थाना प्रभारी रंजीत सिंह के साथ मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन किसान मामले मे कार्रवाई न करने की बात पर अड़ गए। किसान नेता निर्भय रतिया ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि प्रशासन की ओर से किसानों पर मुकदमा, लाल एंंट्री, जुर्माना लगाया गया तो यूनियन आंदोलन करेगी। इसके बाद उच्च अधिकारियों के संज्ञान मामला लाने और समस्या के हल करने का आश्वासन देने पर किसान शांत हुए। शहर थाना प्रभारी अधिकारियों की टीम को अपने साथ लेकर चले गए।
दरअसल, टीम को लोकेशन के तहत सूचना मिली थी कि लाली रोड पर किसान की ओर से पराली को आग लगाई जा रही है। इसके बाद प्रदूषण नियंत्रण कंट्रोल बोर्ड के एसडीओ दीपू खटकड़ की अगुवाई में एक टीम मौके पर पहुंची और पराली में आग लगाने पर कार्रवाई करनी शुरू की, तो उक्त किसान ने इसकी सूचना किसान संगठनों को दे दी।
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भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के जिला प्रधान निर्भय सिंह रतिया की अगुवाई में किसान मौके पर पहुंचे और टीम की कार्रवाई का विरोध करने लगे किसानों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अधिकारियों की टीम वहां से जाने लगी। इस पर किसानों ने उनका घेराव करते हुए उनसे सवाल-जवाब शुरू कर दिए।
किसानों ने अधिकारियों से पराली न जलाने पर आ रही समस्याओं के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि अभी तक किसानों को सरकार उनके विकल्प और मशीनरी तक उपलब्ध नहीं करवा पाई है। इसके कारण किसानों को लाखों का नुकसान हो रहा है और आग लगाने को मजबूर होना पड़ रहा है।

रविवार दोपहर बाद में लोकेशन के आधार पर आग की सूचना मिलने पर मौके पर गए थे, लेकिन कार्रवाई करने का किसान विरोध करने लगे, सूचना मिलने के बाद कृषि विभाग और पुलिस टीम भी पहुंची थी। इसके बाद टीम वहां से वापस आ गई।
- दीपू खटकड़, एसडीओ, प्रदूषण नियंत्रण कंट्रोल बोर्ड
खेतों में पहुंचे अधिकारियों का किसानों की ओर से विरोध करने की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे थे। वहां पहुंचकर किसानों को समझाया गया और इसके बाद टीम को वहां से सुरक्षित ले आए। - रंजीत सिंह, शहर थाना प्रभारी, रतिया।
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