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फार्मासिस्टों ने काली पट्टी बांधकर किया प्रदर्शन

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रतिया में नारेबाजी करते फार्मासिस्ट - फोटो : Fatehabad
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रतिया। सरकारी अस्पतालों में कार्यरत फार्मासिस्ट की सरकार द्वारा अनदेखी किए जाने के विरोध में फार्मासिस्ट ऑफ हरियाणा के सभी कर्मचारियों ने काम का बहिष्कार कर काली पट्टी बांधकर सरकार के विरुद्ध प्रदर्शन किया। फार्मासिस्टों ने आगामी 17 अगस्त तक प्रतिदिन काली पट्टी बांध कर सरकार के प्रति आक्रोश जाहिर करने और गेट मीटिंग करने का फैसला किया है और इसके साथ-साथ यह भी ऐलान किया है कि अगर सरकार ने उनकी मांगें न मानी तो 18 अगस्त को पूरे प्रदेश के फार्मासिस्ट करनाल में मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। स्थानीय सिविल अस्पताल के बाहर रोष प्रदर्शन करते हुए रतिया के फार्मासिस्ट जनक राज, जीत सिंह, अमनदीप, रिंकू व रोबिन आदि ने बताया कि फार्मासिस्ट स्वस्थ संस्था की रीढ़ होता है और वह अपने कार्य के साथ-साथ हर तरह की जिम्मेदारी का निर्वाह बेहतरीन तरीके से करता है।
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उन्होंने कहा कि चाहे वह डॉक्टर की अनुपस्थिति में संस्था के इंचार्ज का कार्य हो चाहे, जन्म-मृत्यु रिकॉर्ड के रजिस्टर का कार्य हो, पोस्टमार्टम हो या टी.वी., हेपेटाइटिस बी, सी के मरीजों की दवा रजिस्ट्रेशन का कार्य हो, जब भी कोई संस्था में से ज्यादा जिम्मेदारी वाला कार्य हो सबको फार्मासिस्ट याद आता है। उन्होंने बताया कि बिना घड़ी में समय देखे एक साथ ही कार्य करता है। उन्होंने बताया जब एक हक देने की बात आती है तो पीछे धकेल दिया जाता है और दूसरी कैटेगरी, जो जनता की सेवा में विघ्न डाल हड़ताल करती है, उन्हें सरकार वेतन बढ़ा कर देती है। उन्होंने यह भी कहा कि फार्मासिस्ट कैटेगरी जो सभ्य मानी जाती है और जनता की सेवा में विश्वास रखती है सरकार उसके साथ अनदेखी कर रही है। सरकार ने सामान पैरा मेडिकल कैटेगरी का वेतनमान 4600 ग्रेड पे कर दिया है, वहीं फार्मासिस्ट का 4200 ग्रेड पर ही रख दिया है, जो इस वर्ग का सरासर सम्मानहरण है। इस दौरान उन्होंने अपनी अन्य मांगों को भी प्रमुखता से उजागर किया और कहा कि अगर सरकार ने उनके साथ अनदेखी की तो इस अन्याय के खिलाफ 18 अगस्त को मुख्यमंत्री के करनाल आवास का घेराव किया जाएगा।
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