रतिया तालाबंदी करते हुए विधायक जरनैल सिंह व पार्षद : संवाद
रतिया। विकास कार्यों में अनदेखी और लाखों रुपए का गोलमाल के आरोप लगाकर नगर पालिका (नपा) कार्यालय में धरने पर बैठे पार्षदों ने शुक्रवार को नगरपालिका कार्यालय में तालाबंदी की। इस दौरान विधायक जरनैल सिंह भी पार्षदों को समर्थन देने पहुंचे। अधिकारी और कर्मचारी 2 घंटे तक कार्यालय में फंसे रहे। बाद में तहसीलदार ने 10 दिन में जांच का आश्वासन देकर ताला खुलवाया।
विधायक ने उन्होंने आरोप लगाया कि रतिया में पिछले तीन वर्षों में नगर पालिका की ओर से विकास कार्यों पर 63 करोड़ रुपये खर्च करने की बात की जा रही है लेकिन विकास के नाम पर में कहीं भी एक ईंट भी नहीं लगी है। कागजों में ही बिल बनाकर घोटाले किए जा रहे हैं। जिला अधिकारियों को घोटाले के बारे में जल्द संज्ञान लेना चाहिए नहीं तो वह भ्रष्टाचार के मुद्दों को मुख्यमंत्री और विधानसभा की कमेटी के समक्ष भी उठाएंगे। इस दौरान पार्षद सतपाल, गोपीराम, गुरविंदर सिंह और गौरव शर्मा आदि मौजूद रहे।
किसान संगठनों ने भी किया समर्थन
तालाबंदी के दौरान किसान संघर्ष समिति पगड़ी संभाल जट्टा के प्रदेश अध्यक्ष मनदीप सिंह ने किसानों के साथ मिलकर धरना दे रहे पार्षदों को समर्थन देकर कहा कि रतिया नगर पालिका भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुकी है। यहां पर हर कार्य के लिए बिचौलियों से मिलकर काम करवाना पड़ता है। प्रदेश सरकार को गंभीरता दिखाकर रतिया नगर पालिका के कार्यों की जांच करवानी चाहिए।
विधायक का पूर्व सांसद पर पलटवार, बोले- खुद 5 साल रही थीं गायब
नगर पालिका कार्यालय में पार्षदों के धरने के समर्थन देने पहुंचे विधायक जरनैल सिंह ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल पर जवाबी हमला बोला। विधायक ने कहा कि वह सदा क्षेत्र की जनता के बीच रहे हैं। पूर्व सांसद को हाल ही में विधानसभा में उठाए गए मुद्दों का वीडियो देखना चाहिए जिसमें उन्होंने क्षेत्र की घग्गर नदी , शहर की सीवरेज प्रणाली व क्षेत्र की बदहाल सड़कों का मुद्दा उठाया है। पूर्व सांसद अपने सांसद होने के कार्यकाल में पूरे 5 साल क्षेत्र से गायब रहीं और उनकी गुमशुदगी के पोस्टर लगने की बात भी सुनने में आई थी।