नागरिक अस्पताल में जच्चा-बच्चा वार्ड संवाद
फतेहाबाद। नागरिक अस्पताल में डिलीवरी के दौरान शिशु की मौत के मामले में आरोप है कि महिला विशेषज्ञ फोन पर ही मेडिकल ऑफिसर को सुझाव देती रहीं और रात 11 बजे तक अस्पताल नहीं पहुंचीं। दूसरे मामले में गर्भवती को खून चढ़ाने में लापरवाही बरतने का आरोप है जिससे हालत बिगड़ने पर उसे अग्रोहा रेफर करना पड़ा।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मिली रिपोर्ट के अनुसार 17 सितंबर को गर्भवती को डिलीवरी के लिए नागरिक अस्पताल लाया गया था। यहां सामान्य डिलीवरी कराने का प्रयास किया गया लेकिन गर्भवती की हालत बिगड़ गई। आरोप है कि महिला विशेषज्ञ फोन पर ही मेडिकल ऑफिसर को सुझाव देती रहीं लेकिन रात 11 बजे तक डिलीवरी कराने के लिए अस्पताल नहीं पहुंची।
आरोप है कि विशेषज्ञ ने सिजेरियन डिलीवरी न होने का हवाला देकर ड्यूटी पर पहुंचने से इन्कार कर दिया। इसी दौरान डिलीवरी के दौरान शिशु की मौत हो गई। घटनाक्रम पिछले सप्ताह का बताया जा रहा है। उप सिविल सर्जन डॉ. भरत सहारण ने बताया कि मामले में पांच डॉक्टरों की कमेटी गठित की गई है।
जल्दी के चक्कर में खून चढ़ाने में बरती लापरवाही
नागरिक अस्पताल में शनिवार को गर्भवती में खून कम होने पर उसे रक्त चढ़ाने में लापरवाही बरतने का मामला सामने आया है। लापरवाही के चलते गर्भवती की हालत बिगड़ गई और देर शाम उसे अग्रोहा रेफर कर दिया गया। शिकायत के बाद नागरिक अस्पताल प्रशासन ने तीन डॉक्टरों की कमेटी बनाई है।
कमेटी में डॉ. सुखदेव, डॉ. समीर और डॉ. कमलेश को शामिल किया गया है। स्वास्थ्य विभाग दोनों मामलों में शिकायत मिलने के बाद जांच करवा रहा है। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मामला संज्ञान में आया है। दोनों ही मामलों में कमेटी गठित कर दी गई। जिनकी लापरवाही मिली, कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. बुधराम, सिविल सर्जन