रक्तदान से बढ़कर कोई दान नहीं है क्योंकि रक्त किसी फैक्टरी या लैब में नहीं बना सकते हैं। यह तो एक मानव द्वारा दूसरे मानव के लिए दान देने पर ही उपलब्ध हो पाता है। आए दिन सैकड़ों की संख्या में लोगों को रक्त यूनिट की जरूरत पड़ती है। जरूरतमंदों के लिए रक्त की आपूर्ति तभी हो पाता है, जब कोई रक्तदान करता है। इसलिए स्वस्थ व्यक्ति को नियमित रूप से रक्तदान करना चाहिए।
यह बातें अमर उजाला फाउंडेशन एवं लायंस क्लब कुलां के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को आयोजित रक्तदान शिविर में बतौर मुख्य अतिथि भूंदड़ा के सरपंच प्रतिनिधि दलबीर सिंह ने कही। बता दें कि चंडीगढ़ लेबोरेट्री कुलां में लगे इस शिविर के दौरान मानव सेवा संगम चैरिटेबल ब्लड बैंक टोहाना की टीम ने 41 रक्तदाताओं का रक्त संग्रहित किया। लायंस क्लब कुलां के अध्यक्ष संजीव ठाकुर ने बताया कि कोई भी 18 साल से अधिक उम्र का स्वस्थ व्यक्ति, जिसका वजन 50 किलोग्राम हो, वह रक्तदान कर सकता है। एक बार रक्तदान करने के बाद दोबारा तीन महीने बाद किया जा सकता है। रक्तदान करने से शरीर में स्फूर्ति आती है, नए रक्त का संचार होता है। इसलिए रक्तदान करना सेहत के लिए भी ठीक रहता है। रक्तदान करने से हार्ट अटैक आने का खतरा कम हो जाता है।
इस मौके पर प्रोजेक्ट चेयरमैन मनजीत सोहल, सतपाल गौतम, कंवल सरदाना, मनोज गौतम, मनजीत सोहल, दिलबाग छोकर, नानू धारसूल, गगन सिंगला, सतवीर नैन सहित कई रक्तदाता आदि उपस्थित थे।
गर्मी के दिनों में अधिक पड़ती है रक्त की जरूरत
मानव सेवा संगम ट्रस्ट के प्रधान सतपाल बताते हैं कि गर्मी के दिनों में रक्त की अधिक जरूरत पड़ती है। कोरोना काल में वैसे भी कम ही शिविर लगे हैं। ऐसे में रक्त की खपत पूरी करने के लिए सामाजिक संस्थाएं व अमर उजाला जैसे समाचार पत्र अपने अहम भूमिका निभाते हैं।
रक्तदान करके लगा अच्छा
पहली बार रक्तदान किया है। रक्तदान करके बहुत अच्छा लगा है। मन को संतुष्टि हुई है कि किसी का जीवन बचाने में अपना योगदान दिया है। अब नियमित रक्तदाता बनूंगा।
विनोद कुमार, निवासी, इंदाछोई।
दूसरों को भी प्रेरित करूंगा
शिविर में पहली बार रक्तदान करके सुकून महसूस हुआ है। अब दूसरों को भी रक्तदान करने के लिए प्रेरित करूंगा। खुद भी इमरजेंसी के दौरान व शिविर में रक्तदान करने के लिए तैयार रहूंगा।
इंद्राज, निवासी, इंदाछोई।
जरूरतमंद के काम आएगा मेरा खून
शिविर लगने की सूचना पाकर रक्तदान करने की इच्छा हुई। इसलिए शिविर में आकर पहली बार रक्तदान किया है। इस बात की मानसिक संतुष्टि मिली है कि किसी जरूरतमंद के मेरा खून काम आएगा।
अशोक कुमार, निवासी, रुपावाली।
नियमित रूप से रक्तदान करूंगा
रक्तदान के प्रति लोगों में पहले से अधिक जागरूकता आई है। मैंने भी जागरूक नागरिक होने का फर्ज निभाते हुए रक्तदान किया है। भविष्य में भी नियमित रूप से रक्तदान करने का प्रयास जारी रहेगा।
गुरप्रीत सिंह, निवासी, रुपावाली।
रक्तदान करना जरूरी है
यह जरूरी है कि हर स्वस्थ व्यक्ति नियमित रूप से रक्तदान करें क्योंकि जब पर्याप्त मात्रा में रक्त उपलब्ध होगा, तभी जरूरतमंदों की जान बच पाएगी। हर युवा को तीन महीने बाद रक्तदान करना चाहिए।
सेठीराम, निवासी, रुपावाली।
संस्थाओं के प्रयास सराहनीय
ग्रामीण क्षेत्रों में भी रक्तदान की मुहिम चलने लगी है। संस्थाओं के प्रयास सराहनीय है। मैंने भी रक्तदान कर किसी का जीवन बचाने के लिए अपना योगदान दिया है। हर नागरिक को रक्तदान करना चाहिए।
रामकिशन, निवासी, रुपावाली।