फतेहाबाद। पंचायती राज में चौधर मिलने के बाद भी 50 फीसदी महिला जनप्रतिनिधि घूंघट से बाहर नहीं निकल पाईं हैं। बुधवार को नवनिर्वाचित पंचायतों की पहली बैठक में ही अधिकांश महिला जनप्रतिनिधि घूंघट में नजर आईं। पंच तो क्या सरपंच भी घूंघट निकाल कर ही बैठक में बैठीं। हर महिला सरपंच के साथ उनके पति या अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे।
कई गांवों में तो महिला सरपंच के साथ ही उनके पति की कुर्सी भी लगी। ऐसे में यही नतीजा निकला कि सरकार ने महिलाओं को पंचायती राज में 50 फीसदी सीटें जरूर दें दी, लेकिन महिला सशक्तिकरण को सार्थकता मिलने में अभी भी कसर बाकी है। गौरतलब है कि इस बार जिले की 257 ग्राम पंचायतों में से 122 में महिला सरपंच चुनी गई हैं। ऐसा पहली बार हुआ है, जब इतनी बड़ी तादाद में महिलाओं को गांव की बागडोर मिली है। वहीं, 2600 पंचों के पदों में से 1186 पर महिलाएं काबिज हुई हैं। संवाद
पति ही बताते रहे कौन सा प्रस्ताव चढ़ाएं
पहली ही बैठक में महिला जनप्रतिनिधियों की आजादी को झटका लग गया। बैठक के दौरान किस प्रस्ताव को मंजूरी देनी है, यह भी ग्राम सचिवों को महिला सरपंच की बजाय उनके पति ही बताने में लगे रहे। सीटिंग प्लान में भी महिला प्रतिनिधियों को पीछे की ही सीटें मिली। जिन पर वो घूंघट डाले तमाशबीन की भूमिका में बैठी रहीं।
केस नंबर एक
घूंघट में ही साइन किए और निपटा दिया काम
गांव समैन में अधिकांश महिला पंचायत सदस्य घूंघट में ही रही। जहां पंचायत की बैठक हुई, वहां रोशनी भी कम थी। इस कारण पंचायत सदस्यों को मोबाइल से टॉर्च जलाकर रजिस्टर देखना पड़ा। महिला पंचों ने घूंघट की ओट में ही रजिस्टर में साइन किए और कुर्सी पर एक तरफ बैठ गईं।
केस नंबर दो
गांव धारसूल कलां की पंचायत में 14 पंचों में से छह महिलाएं हैं। पहली ही बैठक में महिला पंचों को सबसे पीछे की सीटें मिली। इन छह में से पांच महिला पंच घूंघट निकालकर आखिरी पंक्ति में बैठकर ग्राम सचिव व सरपंच जो बोलते गए उसे सुनतीं रहीं।
इनसे सीखें महिला जनप्रतिनिधि...
पंचायती राज की महिला जनप्रतिनिधियों को जिले में काम कर रहीं महिला अफसरों से सीखना चाहिए। जो गृहस्थी के साथ-साथ दिनभर महकमों को भी संभालती हैं। जिले में पुलिस अधीक्षक आस्था मोदी, सिविल सर्जन डॉ. सपना गहलावत, जिला परियोजना अधिकारी सुनीता अहलावत, महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी डॉ. दर्शना सिंह जैसी विभागाध्यक्षों से प्रेरणा लेनी चाहिए।