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मंत्री-अफसरों का नामदान, पौधों की निकल गई जान

Mon, 08 Feb 2016 12:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला फतेहाबाद
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पर्यावरण को दूषित होने से बचाने के लिए हम बड़ी-बड़ी बातें करते हैं हम ही नहीं बल्कि हमारे प्रशासनिक अफसर भी हर मीटिंग और जागरुकता कार्यक्रम में लोगों को एक पौधे लगाने का संदेश देते हैं। लेकिन इसके लिए हमारे अफसर कितने सजग हैं इसका अंदाजा उन्हीं के द्वारा लगाए गए पौधों को देखकर लगाया जा सकता है।
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जो खुद अपने हाल पर आंसू बहा रहे हैं। खाय बात तो यह है कि बीते दिनों प्रदेश सरकार ने पूरे राज्य में वन सुरक्षा सप्ताह भी मनाया। और इस दौरान प्रदेश भर में सार्वजनिक जगहों पर हजारों पौधे लगाए थे। इसी क्रम में भूना मोड़ पर स्थित रेस्ट हाउस और पंचायत भवन में भी अधिकारियों ने पौधे लगाए थे।

यादगार के लिए अधिकारियों ने अपने नामों के बोर्ड भी वहां लगाए हैं। इस काम को किए हुए अभी एक साल भी पूरा नहीं हुआ, और अधिकारियों के लगाए पौधों में से अधिकतर या तो तम तोड़ चुके हैं या फिर उनकी सांस टूटने वाली है। हैरत तो इस बात की है कि खुद सामाजिक अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार द्वारा लगाया गया पौधा भी सूखने वाला है।
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डीसी, एडीसी, एसडीएम, डीआरओ के लगाए पौधे भी सूखे
भूना रोड पर स्थित रेस्ट हाउस में पिछले साल अप्रैल माह में तत्कालीन डीसी डीके बेहेरा, एडीसी यश गर्ग, एसडीएम सतबीर सिंह सहित जिले के सभी आला अधिकारियों ने पौधे लगाए थे। इन अधिकारियों में लोकनिर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता सुभाष भांभू, विभाग के एसई आरके चावला और कार्यकारी अभियंता बलराज सिंह शामिल थे। इन सभी अधिकारियों के लगाए गए पौधों में से महज कार्यकारी अभियंता के लगाए पौधे में जान बची है और वो पौधा अच्छा खासी लंबाई भी हासिल कर चुका है।
 
पंचायत भवन में मंत्री कृष्ण बेदी का लगाया पौधा भी सूखने की कगार पर
पिछली जुलाई में सफाई अभियान के दूसरे चरण का शुभारंभ करने पहुंचे सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी द्वारा लगाया गया पौधा भी सूखने के कगार पर है। जिला प्रशासन द्वारा इस पौधे को पशुओं आदि से बचाने के लिए ट्री-गार्ड की तो व्यवस्था कर दी गई, लेकिन नियमित रखरखाव की ओर ध्यान नहीं दिया गया।

इसी जगह पर कुछ अन्य अधिकारियों द्वारा पौधारोपण किया गया था। उनमें से भी अधिकतर पौधे सूखने की कगार पर हैं। जिला राजस्व अधिकारी विजेंद्र भारद्वाज का लगाया हुआ पौधा तो पूरी तरह सूख चुका है। बाकि अधिकारियों के लगाए पौधों की भी अगर देखभाल ना की गई तो उनका सूखना भी तय ही है।

पौधारोपण को लेकर गंभीर भी है एक अफसर
जिले के अधिकतर अधिकारी पौधारोपण को लेकर कितने गंभीर हैं, इसका रिएल्टी टेस्ट तो पता चल गया लेकिन ऐसा नहीं है कि सभी अधिकारी इस ओर से लापरवाह हैं। जिले में एक अधिकारी ऐसा भी है, जिसे ट्री-मैन कहा जाता है। जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राजेश खोथ को उनके जानने वाले ट्री-मैन भी कहते हैं।

ऐसा इसलिए क्योंकि पिछले लंबे समय से राजेश खोथ पौधारोपण को लेकर प्रयत्नशील हैं। खुद वो विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कराकर तीन हजार से अधिक पौधे लगा चुके हैं। पंचायत भवन में भी डीडीपीओ राजेश खोथ का लगाया हुआ एक पौधा है, वो पौधा सही सलामत है।
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इस बारे में जब उपायुक्त एनके सोलंकी से बात करनी चाही तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। उनके निवास पर फोन करने पर कर्मचारी ने उनके बाहर होने की बात कही।
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