अपनी मांगों को लेकर गुरुवार को किसान सभा ने मार्केट कमेटी कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय धरना देकर अधिकारियों व सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
सदस्यों ने चेतावनी दी कि अगर किसानों की समस्याओं का हल नहीं करवाई गई तो प्रदेशस्तरीय आंदोलन चलाएंगे। अध्यक्षता सभा के तहसील संयोजक सुखविंद्र महमड़ा ने की। मंच संचालन जिला उपप्रधान का. छत्रपाल ने किया।
धरने को संबोधित करते हुए सभा के जिलाध्यक्ष रामस्वरूप ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार के गलत फैसलों के कारण ही किसानों को लागत से भी कम दामों में बेचना पड़ रहा है। भाजपा नेताओं ने चुनावों से पूर्व स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू कराने का वादा कर वोट हासिल किए थे। पर सरकार बन जाने के बाद वह मुकर गई। उन्होंने कहा कि किसानों को यूरिया के लिए कई दिनों से परेशान होना पड़ रहा है। सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली न मिलने के कारण फसलें नष्ट होने की कगार पर है। सभा के जिला सचिव मनफूल सिंह ने बताया कि यह धरना राज्य व्यापी किसान संघर्ष आंदोलन का पहला पड़ाव है। किसानों की मांगें न मानी गई तो किसान भाजपा सरकार के खिलाफ आंदोलन करेंगे। इस अवसर पर मंगत राम सहनाल, सुरेंद्र सिंह, कंवलदीप सिंह , अशोक महता, हरबंस महमड़ा, सुरजीत सिंह, निर्मल सिंह सहित सैकड़ों किसान मौजूद थे।