संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहाबाद। केंद्र सरकार के बिजली संशोधन अधिनियम के विरोध में मंगलवार को बिजली कर्मचारियों ने जिले में प्रदर्शन किया। नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ एम्प्लाइज एंड इंजीनियर्स और ईईएफआई के आह्वान पर शहर की सभी सब-यूनिटों पर कर्मचारियों ने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की।
प्रदर्शन की अध्यक्षता सिटी प्रधान संजय कुमार ने जबकि मंच का संचालन सब-अर्बन कैशियर विकास शर्मा ने किया। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की और इस बिल को तुरंत वापस लेने की मांग की। यूनिट सचिव रामनिवास शर्मा ने कहा कि सरकार इस बिल के माध्यम से बिजली जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र को पूंजीपतियों के हाथों में सौंपना चाहती है।
बिजली कोई निजी वस्तु नहीं बल्कि एक अनिवार्य सार्वजनिक सेवा है। यह बिल सार्वजनिक उपक्रम को खोखला करने और कॉर्पोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने का एक स्पष्ट रोडमैप है। रामनिवास शर्मा ने कहा कि यदि यह बिल लागू होता है, तो निजी कंपनियों के आने से बिजली की दरों में बेतहाशा वृद्धि होगी। गरीबों और किसानों को मिलने वाली बिजली सब्सिडी पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।
इस बिल से सरकारी नौकरियों के अवसर खत्म होंगे और छंटनी का दौर शुरू होगा। सरकारी पावर कॉर्पोरेशन कमजोर हो जाएंगे, जिससे आम आदमी की पहुंच से बिजली दूर हो जाएगी। प्रदर्शन को यूनियन के सुशील कुमार, सुरेश कुमार, हनुमान सिंह, धर्मबीर, सतपाल सिंह और विक्रम सिंह ने भी संबोधित किया।