फतेहाबाद। नगर परिषद कार्यालय में जन्म-मृत्य प्रमाण पत्र शाखा में 800 से ज्यादा फाइलें अटक गई हैं। मंगलवार को जन्म प्रमाणपत्र के खाली कॉलम में नाम लिखवाने का आखिरी दिन है।
लोगों ने रजिस्टरार के पास खाली कॉलम में नाम लिखवाने के लिए जन्मप्रमाण पत्र लेने के लिए लोगों ने ऑनलाइन आवेदन भी किया हुआ था, लेकिन अप्रूव न होने के चलते नहीं मिल पाए। वजह ये है कि ऑनलाइन फाइलों को अप्रूव करने के लिए शाखा में कर्मचारी नहीं है। शाखा के मुख्य कर्मचारी राजकुमार को 15 दिन की ट्रेनिंग पर भेज दिया गया है। इसके अलावा ऑपरेटर अजीत सिंह को पहले ही रतिया नगर पालिका में भेजा जा चुका है।
सोमवार को नगर परिषद कार्यालय की शाखा में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र को लेकर लोगों का जमावड़ा लगा रहा। फाइलों को लेकर पूछताछ करने के लिए लोग चक्कर काटते रहे, लेकिन जवाब एक ही मिला कि ऑपरेटर नहीं है। शाखा के पास रोजाना ऑनलाइन 70 से 80 तक फाइलें आ रही हैं। यही नहीं पहले पोर्टल में दिक्कत के कारण भी कामकाज प्रभावित रह चुका है।
- वर्ष 2009 से पुराने जन्म प्रमाणपत्र में लिखवा सकते हैं नाम
जन्म के 15 साल तक जन्म प्रमाणपत्र के खाली कॉलम में नाम लिखवाया जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने वर्ष 2009 से पहले कभी भी जारी हुए जन्म प्रमाणपत्र के खाली कॉलम में नाम लिखवाने को लेकर छूट दी हुई है। ये छूट मंगलवार को 31 दिसंबर तक ही है। इसके चलते लोग पुराना रिकॉर्ड निकलवाने के लिए भी आवेदन कर रहे हैं, लेकिन अप्रुव नहीं होने के कारण फाइलें रुकी हुई हैं।
- मृत्यु प्रमाणपत्रों की फाइलें भी अटकीं
मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने की भी फाइलें नगर परिषद शाखा में ही जमा होती हैं। लेकिन यहां काम देख रहे ऑपरेटर न होने के चलते ये भी अटकी हुई हैं। अधिकारी खुद मान रहे हैं कि सोमवार सुबह तक 822 फाइलें लंबित थीं।
- पिता के मृत्यु प्रमाणपत्र को बनवाने को लेकर 10 दिन पहले फाइल दी थी लेकिन अभी तक नहीं मिली है। शुक्रवार को भी आया था लेकिन कोई जानकारी नहीं दी गई। सोमवार को आया तो जवाब मिला कि कर्मचारी ट्रेनिंग पर है।
- सुनील कुमार, निवासी बीघड़ रोड।
- बेटी के जन्म प्रमाणपत्र में गलती को ठीक करवाने के लिए आवेदन किया हुआ है लेकिन 8 दिन से फाइल रुकी हुई है। इस बारे में कोई जवाब नहीं मिल रहा है। पता नहीं आवेदन पर कब प्रक्रिया पूरी होगी।
- मनोहर सिंह, निवासी फतेहाबाद।
-मामला संज्ञान में आया है। किसी भी शहरवासी को समस्या नहीं होने दी जाएगी। किसी कर्मचारी के जल्द ही ऑर्डर किए जाएंगे। व्यवस्था बनाई जाएगी।
- सुरेंद्र कुमार, ईओ, नगर परिषद, फतेहाबाद।