फतेहाबाद। डीसी डॉ. विवेक भारती ने किसान रजिस्ट्री में तेजी लाकर अधिक से अधिक किसानों का ओटीपी आधारित आधार प्रमाणीकरण से पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे सरकारी योजनाओं का लाभ सटीक, पारदर्शी और लीकेज-मुक्त तरीके से पहुंचाने में मदद मिलेगी।
डीसी रविवार को लघु सचिवालय के सभागार में कृषि, राजस्व, पंचायत और सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय से किसान रजिस्ट्री, डिजिटल क्रॉप सर्वे और राजस्व कार्य समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों से निर्धारित लक्ष्य के अनुसार गांवों को कवर करने और अधिक किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि पंजीकरण कार्य में तेजी जरूरी है। इससे किसानों को केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा।
डीसी ने राजस्व अधिकारियों को म्यूटेशन के लंबित मामलों का प्राथमिकता से निपटारा करने के निर्देश दिए। उन्होंने तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों से कहा कि म्यूटेशन का कोई मामला दो दिन से अधिक लंबित नहीं रहना चाहिए। लंबित मामलों की नियमित समीक्षा भी की जाए।
उन्होंने कहा कि अनावश्यक देरी मिलने पर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाए। बैठक में टोहाना एसडीएम आकाश शर्मा, फतेहाबाद एसडीएम राजेश कुमार, रतिया एसडीएम सुरेंद्र सिंह, जिला राजस्व अधिकारी श्याम लाल, डीडीपीओ अनूप सिंह, कृषि उपनिदेशक विनोद फोगाट, डीआईओ सिकंदर आदि मौजूद रहे।
तहसील स्तर पर किसान रजिस्ट्री की नियमित निगरानी
डीसी ने कहा कि प्रत्येक तहसील में किसान रजिस्ट्री के कार्य की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। प्रतिदिन अधिक से अधिक गांवों को कवर करते हुए किसानों का पंजीकरण करवाया जाए। कृषि एवं राजस्व विभाग की टीमें फील्ड में जाकर किसानों को पंजीकरण की प्रक्रिया और इसके लाभों के बारे में जागरूक करें तथा निर्धारित लक्ष्य को समय पर पूरा करें।
डिजिटल क्रॉप सर्वे में कृषि और ग्राम सचिवों को भी करें शामिल
डीसी डाॅ. विवेक भारती ने डिजिटल क्रॉप सर्वे की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस कार्य को भी निर्धारित लक्ष्य के अनुसार तेजी से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे के कार्य में कृषि विभाग के कर्मचारियों के साथ-साथ ग्राम सचिवों को भी प्रभावी रूप से शामिल किया जाए, ताकि फील्ड स्तर पर अधिक से अधिक क्षेत्र को कवर किया जा सके।