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लघु सचिवालय, ई-दिशा व कोर्ट परिसर में 3 घंटे ठप रही बिजली

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लघु सचिवालय परिसर में पिछले कुछ दिनों से बिजली आपूर्ति व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित है। वीरवार को भी पूरे लघु सचिवालय में बिजली कट लगा रहा। लघु सचिवालय परिसर के खंड एक व दो के साथ साथ कोर्ट परिसर व एडीआर सेंटर में भी बिजली आपूर्ति बाधित रही। ई-दिशा केंद्र में विभिन्न प्रकार के काम प्रभावित रहे। एक तो गर्मी बहुत ज्यादा थी, ऊपर से पंखे बंद पड़े थे, जिसके चलते कर्मचारियों को काम करने में भी बहुत दिक्कत आई।
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लघु सचिवालय परिसर के दोनों खंडों में करीब 180 कमरे हैं, जिनमें अलग अलग कार्यालय हैं। इसके अलावा यहीं से कोर्ट परिसर व वकीलों के चैंबरों की बिजली लाइन जुड़ी हुई है। इसके चलते तीनों इमारतों में बिजली आपूर्ति ठप रही। चूंकि बहुत सारे सरकारी कंप्यूटर पर होते हैं, इसलिए कंप्यूटर सिस्टम चलाने के लिए जेनरेटर चलाया गया। मगर जेनरेटर की इतनी क्षमता नहीं कि तमाम कूलर व पंखों का लोड भी बर्दाश्त कर सकें । इसलिए जेनरेटर पर सिर्फ कंप्यूटर सिस्टम चल रहे थे। कर्मचारियों को गर्मी में बैठकर काम करना पड़ रहा था। अंदर लोगों की भीड़ की वजह से गर्मी व उमस बहुत ज्यादा हो जाती है। इसलिए लोग परिसर के अंदर ही नहीं जा रहे थे। कई तो यह देखकर लौट गए कि बिजली ही नहीं है।
पांच साल में चार गुना बढ़ा लोड
लघु सचिवालय में बिजली लोड लगातार बढ़ रहा है। अनुमान के मुताबिक पिछले पांच साल में लोड चार गुना तक बढ़ गया है। इसकी वजह ये है कि तमाम कार्यालयों में पांच साल पहले सिर्फ कूलर व पंखे ही चलते थे। अब सभी कमरों में एसी लग चुके हैं। एसी का लोड चार गुना ज्यादा होता है। इस समय लघु सचिवालय के दोनों खंडों व वकीलों के चैंबर मिलाकर 400 से ज्यादा एसी लगे हुए हैं। इन एसी की वजह से एक साथ लोड बढ़ता है, जिससे उपकरण गर्म होकर जल जाते हैं। लोड बढ़ने से फ्यूज उड़ जाता है। यह समस्या पिछले लगभग एक सप्ताह से बार-बार आ रही है। समस्या को देखते लघु सचिवालय में तीस एसी बंद भी किए जा चुके हैं। इसके बाद भी लोड कम नहीं हो रहा।
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12 बजे बहाल हुई आपूर्ति
बिजली आपूर्ति दुरुस्त करने के लिए कर्मचारी करीब तीन घंटे तक लगे रहे। कर्मचारी सुबह 9 बजे लगे थे, लेकिन घंटों तक कर्मचारियों को फाल्ट नहीं मिला। लगभग 12 बजे फाल्ट दूर हो पाया। इसके बाद बिजली आपूर्ति बहाल हो पाई। अभी भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया। बिजली कर्मचारियों का कहना है कि लोड ज्यादा रहने से यह दिक्कत बार-बार आ सकती है।
वकीलों का काम रहा प्रभावित
एडवोकेट अनिल सोलरा ने बताया कि वीरवार को अदालतों में भी नियमित रूप से काम शुरू हो गया। 30 जून तक अवकाश थे। इसलिए 1 जुलाई को अदालतें खुलीं। टाइपिस्टों के कंप्यूटर बंद पड़े थे। कुछ ने इनवर्टर पर व्यवस्था कर रखी थी, लेकिन इनवर्टर पर प्रिंटर नहीं चलते। इसके चलते काम प्रभावित रहा।
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