मेगा वैक्सीनेशन अभियान के अंतर्गत गांव एमपी सोत्तर में एक 70 वर्षीय बुजुर्ग की तबीयत बिगड़ गई थी। उसकी सोमवार शाम को हिसार के जिंदल अस्पताल में मौत हो गई। उसे पहले रतिया के एक निजी अस्पताल में लाया गया था। यहां से हिसार जिंदल अस्पताल में रेफर कर दिया गया।
एमपी सोत्तर गांव के स्कूल में सोमवार को दोपहर करीब 12 बजे बुजुर्ग जागीर सिंह को कोविड वैक्सीन लगाई। जागीर सिंह के पोते जसवंत के अनुसार वैक्सीन लगाने के कुछ देर बाद ही उसके दादा की हालत बिगड़ गई। उल्टी आने लगी तथा सांस अटकने लगी। उसका दादा वहां लेट गया। सूचना मिलने पर उसका भाई और वह अपनी निजी गाड़ी में दादा को लेकर रतिया के एक निजी अस्पताल पहुंचे। नागरिक अस्पताल के इंचार्ज डॉ. भरत सिंह भी उसी अस्पताल में पहुंचे। निजी अस्पताल के चिकित्सक डॉ. प्रवीण मिगलानी ने मरीज को वेंटिलेटर लगा हिसार रेफर कर दिया। सरकारी एंबुलेंस में नागरिक अस्पताल के इंचार्ज डॉ. भरत व उनका स्टाफ मरीज को लेकर हिसार के जिंदल अस्पताल पहुंचे। वहां पर शाम को करीब 6 बजे उसकी मौत हो गई। सिविल सर्जन डॉ. मनीष बंसल ने बताया कि जिले में कोरोना डोज से और कहीं भी किसी की तबीयत नहीं बिगड़ी। जागीर सिंह की मौत के कारणों की जांच की जाएगी। इसका कोरोना वैक्सीन से कोई संबंध नहीं है, वैक्सीन सुरक्षित है।